राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि में लगभग तीन सौ करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई करेगी। गबन का यह मामला हरियाणा के पंचकूला का है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले में पंचकूला के तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी नरेश श्योकंद और पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली स्थित जंगपुरा एक्शटेंशन शाखा के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक भीम सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने खट्टर सरकार को सौंपी रिपोर्ट में घोटाला तीन सौ करोड़ का होने की बात कही है। इसमें 48 करोड़ रुपये के वित्तीय गबन के प्रमाण विजिलेंस को पहले ही मिल चुके हैं। शेष का पता लगाने के लिए ही विजिलेंस की ओर से केस की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।
विजिलेंस ब्यूरो की सिफारिश पर खट्टर सरकार ने पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार के कार्यकाल के इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। मामले के तार पंचकूला (हरियाणा) के साथ ही दिल्ली, चंडीगढ़ तथा राजस्थान से भी जुड़े हैं। इस केस में 48 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश विजिलेंस पहले ही कर चुकी है। श्योकंद और भीम सिंह पर साल 2012 से 2015 के दौरान पंचकूला में भूअधिग्रहण की एवज में किसानों को दी जाने वाले राशि में गबन करने का आरोप है। सीबीआई ने एफआईआर में श्योकंद और भीम सिंह को आपराधिक साजिश, आपराधिक कदाचार और जालसाजी का आरोपी बनाया है।