अबोहर के भीम टांक हत्याकांड का मुख्यारोपी शिव लाल डोडा
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अकाली नेता व शराब व्यवसायी शिव लाल डोडा को उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का पूरा समर्थन था। इसलिए शिअद ने डोडा को अबोहर का इंचार्ज बनाया हुआ था और डोडा ने पंजाब सरकार से आई कई ग्रांटें ग्रामीणों को बांटी थी।
डोडा ने वर्ष 2012 में अबोहर से आजाद प्रत्याशी के तौर पर कांग्रेस के उम्मीदवार सुनील जाखड़ के खिलाफ चुनाव लड़ा था और 45825 वोटें हासिल की थी। जाखड़ को 55,613 वोट मिले थे। जाखड़ ने डोडा को 9,788 वोटों से हराया था।
जानकारों के मुताबिक वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव डोडा ने भाजपा या अकाली दल की तरफ से कांग्रेसी प्रत्याशी सुनील जाखड़ के खिलाफ चुनाव लड़ना था लेकिन भीम टांक की हत्या के आरोप में फंसने के कारण ये सपना पूरा नहीं हो सका।
जाखड़ ने 2012 में 9,788 वोट से दी थी डोडा को शिकस्त
सुनील जाखड़ की प्रेस वार्ता
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इसलिए फाजिल्का की सब जेल में बीते बुधवार की रात अबोहर से डोडा परिवार से किसी व्यक्ति को अबोहर से कांग्रेसी प्रत्याशी सुनील जाखड़ के खिलाफ चुनाव लड़ाने की रणनीति तैयार कर रहे थे कि जिला प्रशासन ने जेल के डीएसपी जश्नदीप सिंह के कमरे में 24 अकाली कार्यकर्ताओं को काबू किया था। मौजूदा समय में शिव लाल डोडा अमृतसर की जेल में बंद है।
सूत्रों के मुताबिक शिव लाल डोडा लगभग 35 साल पहले अबोहर में बर्फ बेचता था। पिता की सब्जी की दुकान होती थी। एक आपराधिक मामला दर्ज होने पर वह दिल्ली चला गया था। डोडा का शराब का धंधा पंजाब, यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान व गुजरात तक फैला है।
बंगलौर में एक शराब फैक्ट्री है। हरियाणा में एक विद्या संस्थान है। अबोहर में शहरी जायदाद है। अबोहर में शराब के बड़े-बड़े गोदाम हैं। डोडा और उसका भतीजा अमित फाजिल्का जेल के अंदर बैठे अपने शराब के धंधे चलाते थे।