एनजीओ सोशल रिफॉर्मर्स ने आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर खुलासा किया है कि पंजाब में जो टीचर आज बच्चों को पढ़ा रहे हैं, वे खुद दसवीं में मैथ और साइंस में फेल हुए थे। 2017 में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सबसे खराब रिजल्ट इन्हीं विषयों का रहा था।
संस्था के उप प्रधान हरप्रीत संधू ने आरटीआई के तहत पिछले दस सालों में नियुक्त टीचरों की जानकारी मांगी थी। अब तक उन्हें बीस प्रतिशत जानकारी मिली है, जिसमें दस जिलों के विभिन्न ब्लॉकों का ब्योरा है।
इसके मुताबिक 313 टीचर ऐसे हैं जो मैथ, साइंस, अंग्रेजी, सोशल साइंस और हिंदी में अपनी दसवीं कक्षा में पास नहीं हो सके थे। तरनतारन में टीचरों को अंग्रेजी में एक, चार, मैथ में नौ अंक मिले हैं। तरनतारन में ऐसे 36, मोगा में 59, मुक्तसर में 50, फाजिल्का में 31, फिरोजपुर में 46, होशियारपुर में 45 टीचर हैं जो प्रमुख विषयों में दसवीं कक्षा में पास नहीं हो सके थे।