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Punjab: अकाल तख्त के जत्थेदार की अमृतपाल को सरेंडर करने की सलाह, तलवंडी साबो में मीडिया पर कही ये बात

Fri, 07 Apr 2023 04:35 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वारिस पंजाब दे का प्रमुख और खालिस्तान समर्थक 18 मार्च से फरार है। पुलिस उसे ढूंढने की पुरजोर कोशिश में जुटी है। फरारी के दौरान अमृतपाल के कई वीडियो और ऑडियो सामने आए हैं। हालांकि 21 दिन बाद भी पंजाब पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। 
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अमृतपाल सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्री अकाल तख्त के जत्थेदार हरप्रीत सिंह की ओर से बुलाई गई विशेष सभा तलवंडी साबो के तख्त श्री दमदमा साहिब में हुई। अंदेशा जताया जा रहा है कि करीब 20 दिन से भगोड़ा चल रहा वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल सिंह यहां आत्मसमर्पण करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाद में जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इसे फेक न्यूज बताते हुए एक बार फिर अमृतपाल को आत्मसमर्पण करने की सलाह दी। 

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इससे पहले सभा में जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि मीडिया लोगों की आवाज है और दुनिया में कोई भी सरकार लोगों की आवाज को दबा नहीं सकती है। उन्होंने कहा कि हम आतंकवादी नहीं हैं, अपनी आवाज उठाने के लिए सभी मंचों का इस्तेमाल करेंगे।

यह भी पढ़ें: Punjab News: काम नहीं आई अमृतपाल की अपील, सरबत खालसा बुलाने की संभावना खत्म, गुरमति कार्यक्रम का एलान
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पंजाब पुलिस की छुट्टियां रद्द
दूसरी तरफ इस बात को लेकर पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी हरकत में आ गई हैं। पंजाब पुलिस के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां 14 अप्रैल तक रद्द कर दी गई हैं। 14 तक किसी कर्मी को छुट्टी नहीं दी जाएगी वहीं पहले से स्वीकृत अवकाश भी रद्द कर दिए गए हैं। 



पुलिस की कोशिश है कि वह किस भी धार्मिक स्थल में प्रवेश न कर पाए। इतना ही नहीं पुलिस की तरफ से विशेष सर्च ऑपरेशन तक चलाया गया है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

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इससे पहले अमृतपाल ने एक वीडियो जारी कर जत्थेदार से सरबत खालसा बुलाने की मांग की थी लेकिन अकाल तख्त के जत्थेदार ने ऐसा न कर सीधे शुक्रवार को विशेष सभा बुलाई है। सूत्रों की माने तो 27 मार्च को जब अमृतपाल सिंह व उसका साथी पपलप्रीत होशियारपुर में पहुंचे थे, तो उन्होंने एक गुरुद्वारे में शरण ली थी। इस दौरान गुरुद्वारे के एक प्रमुख व्यक्ति ने अमृतसर जाकर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाकात की थी। उसके माध्यम से अमृतपाल सिंह ने सरेंडर करने की बात वहां तक पहुंचाई थी लेकिन वह उसमें कामयाब नहीं हो पाए थे।

हालांकि यह बात साफ हो गई जिस गुरुद्वारे में अमृतपाल रुका था उसका वहां से पुराना लिंक था। फरवरी के पहले हफ्ते में वह वहां पर हुए समागम में शामिल हुआ था। इस संबंधी उस एरिया में पोस्टर भी लगे हुए हैं। ऐसे में अब एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल सीमा की तरफ विशेष नाके लगाए जा रहे हैं ताकि उसको काबू किया जा सके।

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