देखभाल में कमी की वजह से अगर आपके डॉगी को टिक फीवर हो जाए, तो उसकी जान जा सकती है। गर्मी के मौसम में डॉगियों को सबसे ज्यादा टीक फीवर का खतरा रहता है।
डॉगी इस बीमारी की चपेट में न आए, इसके साफ-सफाई और ग्रूमिंग का विशेष ध्यान रखना चाहिए। एमडीसी स्वास्तिक विहार में प्लेनेट पैट नाम से डॉगी केयर सेंटर खुला है, जिसमें डॉगी की ग्रूमिंग से संबंधित कई सुविधाएं हैं।
थाईलैंड से ट्रेनिंग लेकर लौटे सिकंदर ने बताया कि ट्राइसिटी में बड़ी संख्या में पालतू डॉगी हैं, जिनमें रॉटविलर्स, जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर्स व पग ज्यादा हैं। डॉगी के पूरे शरीर पर लंबे बाल उन्हें गर्मी के मौसम में तकलीफ देते हैं।
इसके लिए जरूरी है कि डॉगी की ग्रूमिंग कराई जाए, जिसमें हेयर कटिंग आदि किया जाता है। डॉगी को रोजाना नहलाना बेहद जरूरी है।
प्लेनेट पैट के पार्टनर सरवजीत सिंह ने बताया कि टिक फीवर को अगर देसी भाषा में कहें तो जब डॉगी को चिचड़ लग जाते हैं, तो वह टिक फीवर होता है। ऐसे में डॉगी को बचाना बेहद मुश्किल है। लिहाजा साफ-सफाई बेहद जरूरी है। सरवजीत ने बताया कि उनके सेंटर में डॉगी से संबंधित कई तरह की सर्जरी भी की जाती है।