चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा नदियों के संगम की तरह है। मोहाली और पंचकूला को चंडीगढ़ से अलग करके नहीं देखा जा सकता। नवनियुक्त एडवाइजर परिमल राय ने सोमवार को यूटी प्रशासन में ज्वाइनिंग के बाद यह बात कही। कार्यभार संभालने के बाद राय ने अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर उनसे परिचय किया। इसके बाद मीडिया से रूबरू हुए।
राय ने कहा कि वह चंडीगढ़ पहली बार आए हैं। इसलिए उनके लिए सब नया है। अपने साथियों से सीखेंगे, नए-नए आइडिया लेंगे और फिर उन पर तेजी से काम करेंगे। अभी कुछ दिन चंडीगढ़ की वर्किंग देखेंगे। परिमल राय ने बताया कि पहले एक बार जब उन्हें चंडीगढ़ आने का मौका मिला, तो कुछ देर बाद ही वापस लौट गए थे। लेकिन इस बार नई जिम्मेदारी के साथ आए हैं।
वरीयता पूछने पर राय ने कहा कि चंडीगढ़ शहर प्रकृति के काफी नजदीक है। प्रकृति को कोई नुकसान न हो इस बात को ध्यान में रखकर विकास किया जाएगा। ट्राइसिटी के लिए मेट्रो सबसे जरूरी है। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होगा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी बनाने पर फोकस रहेगा। कैपिटल कांप्लेक्स को वर्ल्ड हेरिटेज स्टेटस दिलाने पर जोर रहेगा। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान, सोलर प्रोजेक्ट्स और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर काम किया जाएगा।
काडर वार नहीं होगा
काडर वार के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि किसी के हित ही अवहेलना नहीं होगी। नियम और कायदों को ध्यान में रखकर सभी काडर को महत्व दिया जाएगा। किसी तरह का भी काडर विवाद नहीं होने दिया जाएगा।
पूर्व एडवाइजर विजय देव की तारीफ की
पूर्व एडवाइजर विजय देव की शहर में लोकप्रियता के सवाल पर परिमल ने कहा कि देव यूटी काडर के अच्छे अधिकारियों में से एक हैं। वह ऊर्जावान होने के साथ दिल के बहुत नेक हैं। हालांकि देव उनसे दो साल जूनियर हैं। लेकिन वह उनकी इज्जत करते हैं। वहीं दूसरी ओर जब परिमल राय को बताया गया कि देव व्हाट्सएप पर लोगों से सीधे जुड़े होते थे, आपका क्या रुख रहेगा। इस पर परिमल ने सपाट जवाब देते हुए कहा कि पांचों अंगुलियां बराबर नहीं होती। उनका काम करने का तरीका अलग था, वह अपने तरीके से काम करेंगे।
आते ही हटवाया देव का लगवाया रैंप
परिमल ने अपने ऑफिस पहुंचते ही सबसे पहले विजय देव का लगवाया रैंप हटवाया। देव ने यह रैंप दिव्यांगों के लिए लगवाया था, ताकि दिव्यांग भी उन तक आसानी से पहुंच सकें। एडवाइजर ऑफिस की सीढ़ियां काफी खड़ी हैं जिन पर दिव्यांग नहीं चढ़ सकते। इसी चीज को देखते हुए देव ने लकड़ी का रैंप सीढ़ियों पर लगवाया था। परिमल राय जैसे ही सीढ़ियां चढ़ने लगे तो उन्होंने रैंप की ओर इशारा करते हुए इसे हटाने के निर्देश दे दिए। हालांकि रैंप के हटाने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।