चंडीगढ़। नवजात के इलाज में डॉक्टरों को कानूनी और नैतिक पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी गाइड में मिलेगी। नेशनल नेक्स्टजेन पेडिकोन-2026 के दौरान शनिवार को होटल हयात में मेडिकोलीगल आस्पेक्ट्स ऑफ नियोनेटल केयर: एन इंडियन प्रैक्टिकल गाइड फॉर नियोनेटोलॉजिस्ट्स पुस्तक लॉन्च की गई। इसे डॉ. विक्रम बेदी, डॉ. रवि सहोता और डॉ. अक्षदीप कौर ने तैयार किया है।
गाइड में माता-पिता की सहमति, गंभीर स्थिति में संवाद, मेडिकल रिकॉर्ड और दस्तावेजीकरण, नवजात की मृत्यु, न्यूरोलॉजिकल चोट, डिस्चार्ज-फॉलोअप, समय से पहले जन्मे बच्चों में रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी (आरओपी), शिकायत और कानूनी नोटिस जैसे विषय शामिल हैं। देशभर के संबंधित कानूनी फैसलों को संदर्भ के रूप में शामिल किया गया है।
डॉ. विक्रम बेदी ने बताया कि नियोनेटोलॉजी में कई फैसले तुरंत लेने पड़ते हैं लेकिन उनके साथ सहमति, रिकॉर्ड, संवाद और कानूनी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। गाइड नियोनेटोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, फेलो, रेजिडेंट, नर्सिंग स्टाफ व अस्पताल प्रशासकों के लिए उपयोगी संदर्भ है।