यह रविवार की घटना है, बच्चे की मौत के दो दिन तक किसी को इस घटना के बारे में पता न लगा सका जब कि मंगलवार को इस घटना का पता लगने पर वार्ड की पार्षद कुलविंदर कौर व अमरजीत सिंह जोली समेत अन्य स्थानीय लोग बस्ती में पहुंच गए और इस घटना का गहरा दुख जताया। इस दौरान पार्षद कुलविंदर कौर ने कहा कि बस्ती को जा रहे रास्ते की वेटरिनरी अस्पताल से समस्या संबंधी डेढ़ महीना पहले भी डीसी को बताया गया था।
यह भी बताया गया था कि बस्ती में गर्भवती महिलाएं हैं जिसके चलते इसका जल्द हल किया जाए। इस दौरान किसान नेता परविंदर सिंह ने कहा कि इस घटना को सुनकर हैरानी हो रही है कि प्रशासन इस बस्ती के रास्ते पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बस्ती में चार और महिलाएं भी गर्भवती हैं। इस दौरान समाजसेवी नवीन दर्दी ने कहा कि बस्ती में बने घरों में बिजली के मीटर लगे हैं तथा इनके वोट भी बने हैं जिसके चलते इस बस्ती को रास्ता देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की महिला अधिकारी ने डीसी को गलत जानकारी दी है कि बस्ती का दूसरा रास्ता भी है जबकि बस्ती को कोई ओर रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उधर पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रणबीर कुमार ने कहा कि मामला डीसी के ध्यान में है और डीसी ने इस रास्ते के विवाद को हल करने के निर्देश दिया है जिसके चलते विभाग के अधिकारियों और नगर काउंसिल को साथ लेकर इसका हल किया जाएगा ताकि आगे से कोई हादसा न हो सके।