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रोपड़: गर्भवती महिला को बंद गेट के ऊपर से अस्पताल ले जाते वक्त एक नवजात की मौत

Tue, 11 May 2021 08:23 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़ (पंजाब)

सार

मामला यह है कि सरकारी वेटरिनरी अस्पताल के बंद होने पर उसका गेट भी बंद कर दिया गया। इसके साथ 25-30 परिवार की एक बस्ती है। बस्ती निवासी महिला लाडी ने बताया कि रविवार को उसकी गर्भवती बहू सुनीता पत्नी सुखदेव की सेहत बिगड़ गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के रोपड़ जिले में गऊशाला मार्ग पर बने सरकारी वेटरिनरी अस्पताल के गेट को महिला अधिकारी ने स्थायी तौर पर बंद करने का आदेश दिया है। इसी के साथ गरीब बस्ती में 25-30 परिवार रह रहे हैं। एक परिवार की गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने का जब कोई रास्ता नहीं बचा तो उसे बंद गेट के ऊपर से ले जाने के प्रयास में उसकी डिलीवरी हो गई। इस दौरान जन्मे दो बच्चों में से एक की मौत हो गई। 

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मामला यह है कि सरकारी वेटरिनरी अस्पताल के बंद होने पर उसका गेट भी बंद कर दिया गया। इसके साथ 25-30 परिवार की एक बस्ती है। बस्ती निवासी महिला लाडी ने बताया कि रविवार को उसकी गर्भवती बहू सुनीता पत्नी सुखदेव की सेहत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाना था पर गेट बंद था। उन्होंने बहु सुनीता को गेट के ऊपर से ही निकालकर अस्पताल ले जाने का प्रयास किया तो मौके पर ही सुनीता की डिलीवरी हो गई। इस दौरान सुनीता ने रास्ते में ही दो लड़कों को जन्म दिया पर सेहत सुविधा न मिल सकने के कारण एक नवजात की मौके पर ही मौत हो गई। 

दरअसल, एक महिला अधिकारी ने अस्पताल बंद होने पर गेट को भी बंद करने का आदेश दिया। गेट बंद होने से गरीब बस्ती में रहने वाले परिवारों का आना-जाना भी बंद हो गया। बस्ती वासियों का कहना है कि वह 40 साल से इसी रास्ते के जरिये अपनी बस्ती में आते जाते हैं। 

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यह रविवार की घटना है, बच्चे की मौत के दो दिन तक किसी को इस घटना के बारे में पता न लगा सका जब कि मंगलवार को इस घटना का पता लगने पर वार्ड की पार्षद कुलविंदर कौर व अमरजीत सिंह जोली समेत अन्य स्थानीय लोग बस्ती में पहुंच गए और इस घटना का गहरा दुख जताया। इस दौरान पार्षद कुलविंदर कौर ने कहा कि बस्ती को जा रहे रास्ते की वेटरिनरी अस्पताल से समस्या संबंधी डेढ़ महीना पहले भी डीसी को बताया गया था। 

यह भी बताया गया था कि बस्ती में गर्भवती महिलाएं हैं जिसके चलते इसका जल्द हल किया जाए। इस दौरान किसान नेता परविंदर सिंह ने कहा कि इस घटना को सुनकर हैरानी हो रही है कि प्रशासन इस बस्ती के रास्ते पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बस्ती में चार और महिलाएं भी गर्भवती हैं। इस दौरान समाजसेवी नवीन दर्दी ने कहा कि बस्ती में बने घरों में बिजली के मीटर लगे हैं तथा इनके वोट भी बने हैं जिसके चलते इस बस्ती को रास्ता देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अस्पताल की महिला अधिकारी ने डीसी को गलत जानकारी दी है कि बस्ती का दूसरा रास्ता भी है जबकि बस्ती को कोई ओर रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उधर पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रणबीर कुमार ने कहा कि मामला डीसी के ध्यान में है और डीसी ने इस रास्ते के विवाद को हल करने के निर्देश दिया है जिसके चलते विभाग के अधिकारियों और नगर काउंसिल को साथ लेकर इसका हल किया जाएगा ताकि आगे से कोई हादसा न हो सके।
 
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