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कोरोना के रूप: आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव, फिर भी नया स्ट्रेन कर रहा फेफड़ों पर वार

Thu, 29 Apr 2021 11:12 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ 

सार

सांस लेने में तकलीफ के साथ ही कोरोना के अन्य लक्षण आने पर भी अगर आरटीपीसीआर की रिपोर्ट निगेटिव आए तो दोबारा जांच करवाना चाहिए। इसके साथ ही सीटी स्कैन से मरीज के फेफड़े की स्थिति को भी जांचना जरूरी होता है।
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कोरोना का नया स्ट्रेन फेफड़ों पर कर रहा वार। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण वालों में अब ऐसे मरीज भी सामने आने लगे हैं जिनकी आरटीपीसीआर जांच निगेटिव आने के बाद भी फेफड़े तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोरोना के नए स्ट्रेन का असर है। ऐसे में फेफड़े की वास्तविक स्थिति का पता एक्स-रे और सीटी स्कैन की रिपोर्ट से ही लग रहा है। 

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पीजीआई में कोविड के प्रभारी प्रो. जीडी पुरी का कहना है कि पिछले साल ऐसे इक्का-दुक्का मामले सामने आए थे। इस बार कोरोना की नई स्ट्रेन और जांच प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ी के कारण ऐसे काफी मामले सामने आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि सांस लेने में तकलीफ के साथ ही कोरोना के अन्य लक्षण आने पर भी अगर आरटीपीसीआर की रिपोर्ट निगेटिव आए तो दोबारा जांच करवाना चाहिए। इसके साथ ही सीटी स्कैन से मरीज के फेफड़े की स्थिति को भी जांचना जरूरी होता है जिससे समय रहते बचाव किया जा सके। 

सांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो नजरअंदाज न करें : डॉ. हनी साहनी 

जीएमएसएच- 16 में कोविड-19 के नोडल डॉ. हनी साहनी का कहना है कि मौजूदा समय में अस्पताल के कोविड-19 सस्पेक्टेड वार्ड में ऐसे कई मरीज भर्ती हैं, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन उन्हें सांस लेने में तकलीफ है। उन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल भी 40 से 50 पर पहुंच गया है। ऐसे मरीजों का इलाज करने के लिए सीटी स्कैन की रिपोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में उन मरीजों की फेफड़े की स्थिति बहुत खराब मिल रही है। ऐसे में जरूरी है कि सांस संबंधी कोई भी परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज न किया जाए।

ये घरेलू उपाय भी अपनाएं
  • गर्म पानी से दिन में तीन से चार बार भाप लें। पानी में अगर अजवाइन और कपूर डाले तो और बेहतर होगा।
  • हल्के गुनगुने पानी में नींबू डालकर पानी पीते रहें। अगर नींबू न हो तो गर्म पानी का सेवन भी फेफड़े को संक्रमण से बचाता है।
  • ठंडे पानी का सेवन बिल्कुल न करें। फलों में संतरा, सेब और नारियल का पानी पीते रहें।

इन तरीकों से फेफड़े को बनाएं मजबूत

  • सुबह उठकर अनुलोम-विलोम करें
  • सीढ़ियों पर चढ़े-उतरे
  • गुब्बारों को फुलाएं
  • 20 सेकंड से 60 सेकंड तक श्वास को रोकें। ऐसा तीन बार करें। 
कैसे पहचाने आपके फेफड़े हो रहे संक्रमित
  • अगर सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो समझ लें कि वायरस फेफड़ों को संक्रमित कर रहा है।
  • फेफड़े के निचले हिस्से में सूजन या तेज दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
  • सूखी खांसी आना, खांसते वक्त सीने में दर्द होना भी कोरोना का लक्षण है।
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लक्षण दिखने पर क्या करें

  • सबसे पहले घबराएं नहीं। डॉक्टर से सलाह लें।
  • अपने फेफड़े का सीटी स्कैन कराएं।
  • हर आधे घंटे पर ऑक्सीमीटर से अपना ऑक्सीजन लेवल चैक करें।
  • परिवार के अन्य लोगों से दूरी बनाए। खुद को किसी अन्य के संपर्क में न आने दें।
  • खाली पेट बिल्कुल न रहें। खाली पेट रहने से वायरस आपके शरीर को ज्यादा प्रभावित कर सकता है।

कई बार जांच का नमूना सही तरीके से नहीं लेने या जांच सही से न होने के कारण भी रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। ऐसी स्थिति में अगर मरीज में कोविड  के लक्षण दिख रहे हो और सांस लेने में परेशानी तेजी से बढ़ रही हो तो एक्स-रे और सीटी स्कैन की मदद से वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जा सकता है। -प्रो. जीडी पुरी, पीजीआई में कोविड के प्रभारी

 
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