जीएमएसएच- 16 में कोविड-19 के नोडल डॉ. हनी साहनी का कहना है कि मौजूदा समय में अस्पताल के कोविड-19 सस्पेक्टेड वार्ड में ऐसे कई मरीज भर्ती हैं, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन उन्हें सांस लेने में तकलीफ है। उन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल भी 40 से 50 पर पहुंच गया है। ऐसे मरीजों का इलाज करने के लिए सीटी स्कैन की रिपोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में उन मरीजों की फेफड़े की स्थिति बहुत खराब मिल रही है। ऐसे में जरूरी है कि सांस संबंधी कोई भी परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज न किया जाए।
ये घरेलू उपाय भी अपनाएं
- गर्म पानी से दिन में तीन से चार बार भाप लें। पानी में अगर अजवाइन और कपूर डाले तो और बेहतर होगा।
- हल्के गुनगुने पानी में नींबू डालकर पानी पीते रहें। अगर नींबू न हो तो गर्म पानी का सेवन भी फेफड़े को संक्रमण से बचाता है।
- ठंडे पानी का सेवन बिल्कुल न करें। फलों में संतरा, सेब और नारियल का पानी पीते रहें।
- सबसे पहले घबराएं नहीं। डॉक्टर से सलाह लें।
- अपने फेफड़े का सीटी स्कैन कराएं।
- हर आधे घंटे पर ऑक्सीमीटर से अपना ऑक्सीजन लेवल चैक करें।
- परिवार के अन्य लोगों से दूरी बनाए। खुद को किसी अन्य के संपर्क में न आने दें।
- खाली पेट बिल्कुल न रहें। खाली पेट रहने से वायरस आपके शरीर को ज्यादा प्रभावित कर सकता है।
कई बार जांच का नमूना सही तरीके से नहीं लेने या जांच सही से न होने के कारण भी रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। ऐसी स्थिति में अगर मरीज में कोविड के लक्षण दिख रहे हो और सांस लेने में परेशानी तेजी से बढ़ रही हो तो एक्स-रे और सीटी स्कैन की मदद से वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जा सकता है। -प्रो. जीडी पुरी, पीजीआई में कोविड के प्रभारी