बच्चों को नशे से बचाने के लिए चंडीगढ़ का टोबैको कंट्रोल सेल सख्ती बरतने जा रहा है। यदि कोई भी नाबालिग को शराब, तंबाकू प्रोडक्ट या नशीला पदार्थ देते दोषी पाया गया तो उसे सात साल तक सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
सेल के अधिकारियों का कहना है कि यह कानून चंडीगढ़ सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। इस बारे में जल्द ही पुलिस व अन्य डिपार्टमेंट के साथ बैठक कर चंडीगढ़ में कानून की पालन करने के लिए दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। उससे पहले पूरे चंडीगढ़ में इस कानून के बारे में पब्लिक नोटिस निकाला जाएगा ताकि लोग कानून के प्रति जागरूक हो सके।
पहले लगता था सिर्फ 200 रुपये जुर्माना
अफसरों का कहना है कि बच्चों को नशे से बचाने के लिए पहले इतनी ज्यादा सख्ती नहीं थी। सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट एक्ट 2003 के मुताबिक नाबालिग को ड्रग्स या शराब परोसते पकड़े जाने पर सिर्फ 200 रुपये का जुर्माना लगता था। यह बहुत ही मामूली सजा होती थी। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद रहते थे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कई दुकानदार का जुर्माना तो सिगरेट कंपनियां भर देती थी। खासकर हुक्का बारों पर शिकंजा कसने में अथॉरिटी को काफी परेशानी आ रही थी।
जुवेनाइल जस्टिस के तहत कसा शिकंजा
पूरे देश में 15 जनवरी 2016 को जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन) एक्ट 2015 के तहत कानून लागू किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद इस कानून में बदलाव किया गया है। एक्ट की धारा 77 के तहत कोई व्यक्ति किसी नाबालिग को शराब, ड्रग्स, तंबाकू या कोई नशीली दवा देते पाया गया तो उसके खिलाफ सात साल तक सजा और अधिकतम एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
मुंबई में पहला केस बुक किया गया
पंजाब के टोबैको कंट्रोल सेल के स्टेट प्रोग्राम आफिसर डा. राकेश गुप्ता ने बताया कि हाल ही में मुंबई पुलिस द्वारा इस एक्ट के तहत हुक्का बार मालिक को बुक किया गया है। वह दो नाबालिग को अपने बार में तंबाकू परोसने का दोषी पाया गया था। उन्होंने बताया कि पंजाब में भी अप्रैल से इस कानून के तहत सख्ती बरतनी शुरू कर दी जाएगी। इस बारे में अभी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
कोट
चंडीगढ़ सहित पूरे देश में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 लागू हो चुका है। लोगों को इस कानून के बारे में जागरूक किया जा रहा है। यह कानून काफी सख्त है, इसलिए लोगों को हिदायत दी जा रही है कि वे किसी भी नाबालिग को शराब या ड्रग्स न दें।
डा. दीपक बख्शी, नोडल आफिसर, टोबैको कंट्रोल सेल चंडीगढ़