सेक्टर 19 स्थित मनचंदा बूक स्टोर में अपने बच्चो की किताबे खरीदने पहुंचे लोग।
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। शहर में 4 अप्रैल से निजी स्कूलों में नए अकादमिक सत्र की शुरुआत हो रही है। हालांकि कई स्कूलों ने एक अप्रैल से विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू कर दी हैं। ऐसे में शहर के पुस्तक भंडारों पर अभिभावकों की किताबें और स्टेशनरी लेने के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। इसका कारण यह है कि बहुत बार अकादमिक सत्र शुरू होने के बाद अभिभावकों को किताबें मिल नहीं पातीं। पुस्तक भंडारों को कहना है कि इस बार एनसीईआरटी की किताबों का स्टॉक कम है। उधर, अभिभावकों का कहना है कि दुकानदार उन्हें किताबों के साथ स्टेशनरी का पूरा सेट खरीदने पर मजबूर कर रहे हैं।
अभिभावक अकादमिक सत्र से पहले ही बच्चों की किताबें खरीद लेते हैं जिससे कक्षाएं शुरू होने पर परेशानी नहीं हों। सेक्टर-7 स्थित न्यू फैंसी बुक शॉप के मालिक गुरप्रीत सिंह ने बताया कि किताबों के मूल्यों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। पिछले साल के मूल्य पर ही किताबें बिक रही हैं। इस बार एनसीईआरटी की किताबों का स्टॉक कम है। कहा जा रहा है कि अगले सत्र में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम बदलना है, इसलिए किताबें कम पब्लिश कम हैं। निजी स्कूलों की किताबें अधिकांश अभिभावकों ने खरीद ली हैं। अभिभावकों का कहना है कि पूरे सेट को खरीदना उनके लिए बहुत ज्यादा महंगा पड़ता है, क्योंकि घर में स्टेशनरी का सामान पड़ा होता है।
किताब और स्टेशनरी का पूरा सेट खरीदने को दुकानदार कर रहे मजबूर
अगर हमने किताबों के सेट में कोई किताब पुराने विद्यार्थियों से ले ली है, बावजूद इसके हमें किताबों का पूरा सेट खरीदना पड़ता है। किताबों के सेट में दुकानदार हमें सभी विषयों की कॉपियां, पेन, पेंसिल, रंगों के डिब्बे, ज्योमैट्री आदि का सामान भी खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। दुकानदार कहते हैं कि पूरा सेट ही खरीदना पड़ेगा, हम सेट खोलकर चुनिंदा किताबें नहीं देंगे। - इमाम जफर, अभिभावक
प्ले स्कूल का किताब सेट 3100 रुपये में खरीदा
बच्ची के लिए हमने प्ले स्कूल के लिए 3100 रुपये में किताबों का सेट खरीदा है। हमें सिर्फ किताबें चाहिए थी और अन्य स्टेशनरी के सामान की जरूरत नहीं थी लेकिन हमारे पास विकल्प ही नहीं था। दुकानदार ने कहा कि आपको पूरा सेट ही खरीदना पड़ेगा, सेट में किताबों के साथ पूरे साल के लिए कॉपियां, पेन आदि स्टेशनरी का सामान शामिल था।
-मनीष, अभिभावक