यूटी प्रशासन ने एप बेस्ड टैक्सियों के लिए नए नियम जारी किए है। सभी एप बेस्ड टैक्सी ऑपरेटर्स को अपनी सर्विसेज रेडियो टैक्सी में मर्ज करवानी होंगी। इसके लिए प्रशासन ने कंपनियों को 30 दिनों का समय दिया है।
इसके साथ ही ये भी फैसला हुआ है कि एप बेस्ड टैक्सियां ऑल इंडिया परमिट पर नहीं चल सकेंगी। उन्होंने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से रजिस्ट्रेशन करवा कर लोकल परमिट लेना होगा।
गौरतलब है कि दिल्ली में टैक्सी में हुए रेप कांड के बाद पूरे देश में एप बेस्ड टैक्सियों पर प्रतिबंध लग गया था। यूटी प्रशासन ने भी सख्ती बरतते हुए इन टैक्सियों के चालान काटने शुरू कर दिए थे।
अब इन्हें राहत देने के लिए प्रशासन ने इन्हें रेडियो टैक्सी में कनवर्ट करवाने के निर्देश जारी किए है। इन्हें स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के तय रेट पर ही चलना होगा। अभी तक ये टैक्सियां अपने रेट से चल रही थीं।