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हिरासत में युवक के जान देने के बाद तनाव में था इंस्पेक्टर, खुदकुशी मामले में नया खुलासा

Wed, 22 May 2019 12:09 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट (पंजाब)
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सांकेतिक तस्वीर
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सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरिन्द्र सिंह के खुदकुशी प्रकरण की पड़ताल के दौरान रोज नए खुलासे हो रहे हैं। दो दिन पहले इंस्पेक्टर के खुदकुशी करने और उसी दिन सीआईए की हिरासत से एक नौजवान के गुम होने का लिंक भी जुड़ गया है। पुलिस के अनुसार 18 मई शनिवार की रात को शिकायत के आधार पर गांव रत्ती रोड़ी से हिरासत में लिए गए थाना लंबी (मुक्तसर) के गांव पंजाबा निवासी जसपाल सिंह उर्फ जस ने उसी रात सीआईए के लॉकअप में फंदा लगाकर जान दे दी।

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इसके बाद सीआईए इंचार्ज नरिन्द्र सिंह ने उसके शव को ठिकाने लगा दिया। इसके तनाव में 19 मई रविवार की शाम को इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। इस केस में पुलिस ने मृतक इंस्पेक्टर समेत नौजवान के खिलाफ शिकायत देकर उसे पुलिस को पकड़वाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आत्महत्या को मजबूर करने का केस दर्ज कर लिया है और नौजवान के शव की तलाश जा की। 

एसएसपी राजबचन सिंह संधू ने बताया कि 18 मई को रात साढ़े 9 बजे पुलिस के पास कंट्रोल रूम में गांव रत्तीरोड़ी से परमजीत सिंह ने फोन किया कि गांव के गुरुद्वारा साहिब में जस भुल्लर, रेशम व एक अन्य असलाह व चोरी के स्कूटर समेत बैठे थे।

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कंट्रोल रूम पहुंची सूचना पर सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरिन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर जसपाल सिंह उर्फ जस को हिरासत में लिया। उसे सीआईए के लॉकअप में रखा गया जहां उसने रात को फंदा लगाकर जान दे दी। 

पुलिस जांच में सामने आया है कि इंस्पेक्टर नरिन्द्र सिंह नौजवान की लाश अपनी गाड़ी में कहीं ले गया। इस लाश को किस तरह और कैसे ठिकाने लगाया गया, इसकी जांच चल रही है। इसके पहले मृतक नौजवान जसपाल सिंह के परिजनों ने एसएसपी दफ्तर में हंगामा किया और आरोप लगाया कि जसपाल की हत्या की गई है लेकिन पुलिस न्याय नहीं दे रही है। 

उधर सोमवार को जसपाल सिंह के मामा के शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था जिसमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया था। मंगलवार को केस में नए खुलासे के बाद गिरफ्तार दोनों युवकों के परिवारों ने थाना सदर के बाहर धरना दिया और पुलिस को अपने अधिकारियों को बचाने के नाम पर बेकसूर लोगों को पकड़ने का आरोप लगाया। 

इस मामले में एसएसपी राजबचन सिंह संधू ने कहा कि न तो किसी बेकसूर को पकड़ा जाएगा और न ही किसी आरोपी को बख्शा जाएगा। इस केस की जांच एसपी भूपिंदर सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी कर रही है और फिलहाल पुलिस द्वारा नौजवान के शव की तलाश की जा रही है। 
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