हरियाणा में राष्ट्रीय मार्गों पर एक अप्रैल से बढ़ा टोल टैक्स वसूलने पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यहां आयोजित बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में टोल टैक्स की नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी भी उपस्थित थे।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में सब मार्गों पर वसूले जा रहे टोल टैक्स के बारे में विस्तृत चर्चा कर निर्देश दिए कि जब तक नई टोल नीति नहीं बनती तब तक बढ़ी टोल दरें वसूलने पर रोक लगा दी जाए। सीएम ने कहा कि हरियाणा में वसूली जा रही टोल दरें काफी ज्यादा हैं।
प्रदेश सरकार इन दरों में रियायत देने को तैयार है। उन्होंने प्रदेश में टोल दरें कम करने के अलावा टोल प्लाजा के आसपास के क्षेत्रों में बसे लोगों को विशेष रियायत देने के भी निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सूबे के लोगों को रियायत देने के लिए प्रदेश सरकार अपनी ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के लिए तैयार है।
उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतरं आर्थिक नुकसान की गणना कर रिपोर्ट देने को कहा है। गौरतलब है कि हरियाणा में नेशनल हाईवे पर 10 टोल प्लाजा हैं। पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे फोर लेन बनने के बाद दो स्थानों पर भारी टोल टैक्स वसूला जा रहा है। लोगों ने इसका जबर्दस्त विरोध किया था।
बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टोल-प्लाजा के आसपास के क्षेत्रों में बसे लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर बताया था कि टोल दरें काफी ज्यादा हैं इसलिए वीरवार की बैठक में अफसरों को निदेश दिए गए कि रियायत के लिए नई टोल नीति तैयार की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव एससी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढिल्लों और डॉ. केके खंडेलवाल, उपप्रधान सचिव आरएस दून के अलावा अन्य अफसर मौजूद थे।
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सरकार जितना टोल दर कम करना चाहती है, उसकी भरपाई कर दे : एनएचएआई
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के सदस्य वित्त सतीश चंद्र ने पत्रकारों को बताया कि बैठक में टोल दरें कम करने पर चर्चा हुई है। एनएचएआई ने हरियाणा सरकार से कह दिया है कि जितना टोल दर कम करना चाहती है, उसकी भरपाई हरियाणा सरकार कर दे। एनएचएआई स्वयं अपनी दरें कम नहीं करेगा बल्कि यह प्रदेश सरकार पर निर्भर करेगा। अलबत्ता इस आर्थ्क हानि की गणना के लिए एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हरियाणा सरकार टोल दरों में रियायत देती है तो एनएचएआई को कोई ऐतराज नहीं है।