हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को प्रलोभन से दूर रखने के लिए चुनाव आयोग मुहिम छेड़ेगा।
मुहिम के तहत ग्राम स्तरीय जागरूकता समूह (वीएजी) और वार्ड स्तरीय जागरूकता समूह (डब्ल्यूएजी) बनाने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान मतदाताओं में नैतिक मतदान करने का संदेश देने के साथ किसी भी प्रलोभन से बचने के लिए जागरूक करना है।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वालगद ने बताया कि पिछले अनुभव के आधार पर सेक्टर और पुलिस अधिकारियों द्वारा एक्सपेंडिचर सेंसिटिव पॉकेटस और उन क्षेत्राें, जहां नकदी, शराब और रिश्वत दी जाती है, जैसे क्षेत्राें की पहचान की जाएगी। एक्सपेंडिचर सेंसिटिव पॉकेटस में स्थित प्रत्येक मतदान बूथ और मतदान केंद्र के लिए वीएजी और डब्ल्यूएजी बनाए जाएंगे। सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्राें के उपक्रमों के अधिकारी या निगमित, पत्रकार या शिक्षाविद, सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधि, विद्यार्थी एनएसएस या एनसीसी कैडेट और भूतपूर्व सैनिक वीएजी और डब्ल्यूएजी के सदस्य हो सकते हैं।
वीएजी और डब्ल्यूएजी के सदस्यों का किसी राजनीतिक दल या किसी उम्मीदवार से संबंध नहीं होगा। इसके अलावा सदस्यों का संबंध स्वयं उम्मीदवार या उम्मीदवार के एजेंट और उनके परिवार के सदस्य या उम्मीदवार के रिश्तेदाराें का संबंध भी किसी राजनीतिक पार्टी के नेता, उम्मीदवार, पार्टी कार्यकर्त्ता से नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वीएजी और डब्ल्यूएजी में कम से कम एक या दो महिलाओं के साथ पांच से दस सदस्य होंगे।
चुनाव की घोषणा के साथ काम करने लगेंगी टीमें
वीएजी और डब्ल्यूएजी चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद अपना कार्य शुरू कर देंगे और मतदान के दिन तक कार्य करेंगे। इसके अलावा ये नुक्कड़ बैठकें, रैलियां, संबंधित क्षेत्राें में चुनावों के दौरान रिश्वत के दुष्प्रभाव के खिलाफ ग्रुप डिस्कशन भी करेंगे। ऐसी बैठकों में सेक्टर अधिकारी उपस्थित होंगे। इसके अलावा वीएजी और डब्ल्यूएजी चुनाव अधिकारियों द्वारा दिये गए रिश्वत विरोधी विज्ञापनों, पोस्टराें और बैनरों का प्रचार करेंगे।
पर्यवेक्षक करेंगे कार्रवाई की जांच
रिटर्निंग ऑफिसर या जिला चुनाव अधिकारी नैतिक मतदान पर समस्त विज्ञापन सामग्री वीएजी और डब्ल्यूएजी को सौंपेंगे। वीएजी और डब्ल्यूएजी द्वारा दी गई किसी भी सूचना को शिकायत रजिस्टर में वी या डब्ल्यू के रूप में अंकित किया जाएगा। ऐसी शिकायतों पर टीम द्वारा की गई कार्रवाई की जांच पर्यवेक्षक करेंगे।