आज से दवाओं पर भी मिलेगी छूट
दवाओं पर जीएसटी में बदलाव से मरीजों को भी बड़ी राहत मिली है। कुछ दवाएं जो पहले 18% जीएसटी स्लैब में थीं, अब 5% में आ गई हैं, जिससे इन पर 11% से ज्यादा की छूट मिलेगी। सेक्टर-15 के दवा कारोबारी विनय जैन ने बताया कि दवाओं की नई एमआरपी अभी नहीं आई है लेकिन सोमवार से छूट देने का निर्देश है। 12 फीसदी का प्रोडक्ट जो 5% पर आया है, उसमें 6.25 फीसदी की छूट मिलेगी। 12 फीसदी स्लैब से जो दवाएं या सामान शून्य जीएसटी में आए हैं, उस पर 10.72 फीसदी की छूट मिलेगी। वहीं, 5 फीसदी जीएसटी से शून्य स्लैब में आई दवाओं पर 4.77 फीसदी की छूट मिलेगी। इसके अलावा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की 33 जरूरी दवाओं पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा।
3600 रुपये का होटल अब 3375 रुपये में बुक होगा
होटल के कमरों के किराए पर भी टैक्स घटा है। उदाहरण के लिए 12% जीएसटी के साथ जो कमरा 3600 रुपये में मिलता था, अब 3375 रुपये में बुक होगा। इससे 225 रुपये की बचत होगी। होटल कारोबारी गोपाल वाधवा का कहना है कि होटल व्यवसायियों के लिए यह अच्छा कदम है। इससे टैक्स का बोझ कम होगा और कागजी कार्रवाई भी आसान होगी। पिछले कुछ साल से लगातार कमजोर हो रहे छोटे और मध्यम वर्ग के होटल कारोबारियों को इससे राहत मिलेगी और मार्केट आगे बढ़ेगा।
स्वास्थ्य और जीवन बीमा में सबसे बड़ी राहत
स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर अब तक 18% जीएसटी लगता था, लेकिन अब इसे शून्य कर दिया गया है। इससे 25,000 के प्रीमियम पर 4500 तक की सीधी बचत होगी। अगर किसी के बीमा का बेस प्राइस 25 हजार रुपये है तो 18 फीसदी जीएसटी के साथ 4500 रुपये अतिरिक्त देना पड़ता था लेकिन अब शून्य जीएसटी कर दिया गया है तो 25000 रुपये ही देने होंगे। एक निजी कंपनी के लिए बीमा करने वाले जोगिंदर ने बताया कि जीएसटी शून्य होने से पॉलिसी लेने वालों की संख्या बढ़ेगी। बहुत सारे लोग इंतजार कर रहे थे कि 22 सितंबर के बाद वह अपनी पॉलिसी लेंगे या उसका नवीनीकरण कराएंगे।
शिकायत कहां करें?
अगर नई दरों का फायदा न मिले तो आप इन हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं:
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन: 1800-11-4000
सीबीआईसी और जीएसटी हेल्पलाइन: 1800-1200-232
आप नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी की वेबसाइट पर भी बिल की कॉपी और दुकानदार का नाम-पता देकर शिकायत कर सकते हैं।