चंडीगढ़। यूटी प्रशासन में शामिल होने के बाद नए मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने शहर के महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामलों की समीक्षा शुरू कर दी है। पहले ही दिन उन्होंने चंडीगढ़ के सबसे बड़े पांच मुद्दों पर विभिन्न विभागों से डिटेल रिपोर्ट ली। यह वही सवाल हैं, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले मुख्य सचिव से पिछले महीने पूछे थे और 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया था।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों की चल रही परियोजनाओं पर रोजाना बैठक करने का निर्णय लिया है। ये बैठकें 21 अक्तूबर तक जारी रहेंगी और हर दिन दो विभाग अपनी प्रेजेंटेशन देंगे। वीरवार को उन्होंने शहर के पांच प्रमुख मुद्दों की जानकारी ली। इनमें शेयर-वाइज बिक्री और अपार्टमेंटलाइजेशन का मुद्दा, पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने का मामला, लाल डोरा विस्तार और 22 गांवों से जुड़े मुद्दे, हाउसिंग बोर्ड के मकानों में नीड-बेस्ड चेंज की मांग, ग्रुप हाउसिंग और को-ऑपरेटिव सोसाइटियों से जुड़े विवाद के मामले शामिल हैं। इन सभी मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से पिछले महीने चंडीगढ़ से सवाल भी पूछे गए थे। मुख्य सचिव को अदालतों में चल रहे मामलों की स्थिति और ग्राउंड पर हो रही कार्यवाही की जानकारी दी गई, जिसमें कई घंटे लग गए। इस कारण ट्रांसपोर्ट विभाग की प्रेजेंटेशन नहीं हो पाई। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाकी विभागों की रिपोर्ट और प्रेजेंटेशन भी होगी।
संसद में गूंजे थे ये पांचों मुद्दे
ये पांचों मुद्दे इस साल संसद में गूंजे थे जिसके बाद पिछले महीने केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब तलब किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रशासन से शेयर-वाइज बिक्री, मालिकाना हक, लाल डोरा, ग्रुप हाउसिंग मुद्दे पर ताजा स्थिति मांगी थी। शहर के सांसद मनीष तिवारी ने एक-एक कर संसद के सत्र में यह सवाल उठाए थे, जिस पर केंद्रीय मंत्रियों ने जवाब दिए थे। अधिकतर सवालों के जवाब न में ही थे लेकिन तिवारी ने एमएचए की तरफ से प्रशासन से मांगी गई ताजा स्थिति पर सकारात्मक उम्मीद जताई थी। हालांकि, प्रशासन ने भी सभी मुद्दों पर नकारात्मक ही जवाब भेजा था।