रिश्तेदारों और परिवार के लोगों ने एक-दूसरे को मनाने की खूब कोशिश की लेकिन दोनों में कोई भी टस से मस नहीं हुआ। अब चाचा भतीजा आमने-सामने है।
जिला परिषद के पूर्व सदस्य धर्मेंद्र सिंह गांव दड़वा के सरपंच पद के उम्मीदवार हैं। उनके चाचा कुलवंत सिंह भी इसी गांव से सरपंच के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। कुलवंत सिंह का कहना है कि भतीजे ने वादा तोड़ा है।
वहीं, धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने चाचा को पूरा मनाया, लेकिन वे नहीं माने। अब चुनाव ही रास्ता है। कुलवंत सिंह की पत्नी पहले इस गांव की सरपंच रह चुकी हैं। धर्मेंद्र सिंह की पत्नी फिलहाल जिला परिषद की सदस्य हैं। धर्मेंद्र के पिता जसवंत सिंह इसी गांव से पंचायत समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।
गांव से सरपंच के आठ और पंच के 57 उम्मीदवार मैदान में हैं। गांव में 6400 मतदाता हैं। गांव की 12 हजार से भी अधिक आबादी है। निवर्तमान सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी भी मैदान में हैं। वे अपनी उपलब्धियां गिनाकर वोट मांग रहे हैं। हरीश चंद्र शर्मा, डॉ महमूद गजनवी, बलजीत सिंह सिद्धू, सतिंदर राय, सूरज भान भी अपनी दावेदारी कर रहे हैं।
कैंबवाला में भी प्रचार जोर पकड़ा
कैंबवाला महिला आरक्षित पंचायत है। यहां से सरपंच के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। सुरिंद्रर कौर, नीता रानी और सोमा देवी। इस गांव में सुबह महिलाएं प्रचार में भाग ले रही हैं तो शाम को पुरुष मोर्चा संभाल रहे हैं। घर-घर जाकर तीनों ही उम्मीदवारों ने वोट मांगे।