नेपाल अपने देश के सात प्रांतों की राजधानी चंडीगढ़ की तर्ज पर बनाएगा। नेपाल के प्रांत संख्या पांच की विधायी समिति ने ‘सिटी ब्यूटीफुल’ चंडीगढ़ का दौरा करने के बाद यह निर्णय लिया है। नेपाल अपने नए राज्यों के विधान में हरियाणा और पंजाब विधानसभा के नियमों को भी शामिल करेगा। समिति का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल संयोजक दीपेंद्र कुमार के नेतृत्व में सोमवार को चंडीगढ़ दौरे पर पहुंचा और पंजाब एवं हरियाणा विधानसभा के बारे में जानकारी हासिल की। नेपाल ने सात राज्यों का गठन किया है, जिनका नामकरण होना अभी बाकी है।
राज्यों का विधान बनाने के लिए यह समिति भारत दौरे पर पहुंची है। विधान नियमों को लेकर दल के संयोजक व सदस्य हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता व पंजाब के स्पीकर राणा केपी सिंह से भी मिले। उन्होंने विधायी कार्यों और विधानसभा के नियमों को लेकर दोनों के साथ लंबी चर्चा की। उन नियमों की विशेष तौर पर जानकारी ली, जिन्हें अपने विधानसभा नियमों में शामिल करना है। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने दल के संयोजक दीपेंद्र कुमार को सदस्यों सहित विधानसभा का दौरा कराया और विस्तृत जानकारी दी।
दीपेंद्र कुमार ने बैठक के बाद बताया कि चंडीगढ़ की पहचान नेपाल में सांस्कृतिक शहर के तौर पर है। उनकेयहां सात नए राज्यों का गठन हुआ है, जिनमें नया विधान लागू होना है। प्रदेश संख्या पांच की ओर से उनका दल विदेशिक अवलोकन एवं अध्ययन भ्रमण के लिए भारत दौरे पर आया है। इस दौरान उन्होंने विधानसभा नियमों की जानकारी ली है।
दौरा करने आए दल में सहसराम यादव, निर्मला क्षेत्री, कल्पना पांडे, तारा, तुलसी प्रसाद चौधरी, तेज बहादुर वली, नारायण प्रसाद आचार्य, बाबू राम गौतम, वीर बहादुर राणा, विष्णु प्रसाद के अलावा कर्मचारियों में प्रदेश सभा सचिव दुर्लभ कुमार, उपसचिव कानून श्याम प्रसाद, दिनेश व आलोक अग्रहरि शामिल रहे। दल मंगलवार को अमृतसर में रहेगा और ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन करेगा। प्रतिनिधिमंडल का हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता व सचिव राजेंद्र नांदल ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
नेपाल के आर्थिक प्रशासन अधिकारी एवं प्रांतीय विधायी समितियों के सचिव अलोक अग्रहरि ने बताया कि विधायी समिति ने चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ राजधानी मानते हुए इसी तर्ज पर नेपाल के सात प्रांतों की अलग-अलग राजधानी बनाने का निर्णय लिया है।