चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इलाज में कोताही बरतने का दोषी मानते हुए मैक्स अस्पताल पर 5 लाख रुपये का हर्जाना और 10 हजार रुपये बतौर केस खर्च याचिकाकर्ता को अदा करने के निर्देश दिए हैं। दायर याचिका के तहत शिकायतकर्ता की 91 साल की मां के पैर में फ्रैक्चर आने के चलते उक्त अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जहां अस्पताल की ओर से शिकायतकर्ता की मां का अन्य जांचों के साथ ही कोविड टेस्ट कराया गया।
अगले ही दिन कोविड रिपोर्ट पॉजीटिव आने के चलते याची की मां को अस्पताल में ही अलग वार्ड में भर्ती किया गया। अस्पताल की ओर से रिपोर्ट पॉजीटिव बताए जाने के चलते उनके पूरे परिवार की जांच कराई गई। अगले दिन दोबारा से कराई गई कोविड जांच में मां की रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर उन्होंने मां की खराब हालत के चलते अस्पताल से उन्हें पीजीआई शिफ्ट करने की मांग की थी। अस्पताल ने गलत रिपोर्ट देते हुए उनकी मां को कोविड पॉजीटिव बताया जिसके चलते परिवार को काफी परेशानी हुई। साथ ही उनकी मां को समय पर सही इलाज नहीं मिला और कुछ दिनों बाद उनका निधन हो गया। इसके बाद अखिलेश कुमार सिन्हा ने अस्पताल पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी।