इलाज में लापरवाही बरतने के कारण गर्भ में बच्चे की हुई मौत के मामले की सुनवाई करते हुए कंज्यूमर फोरम ने सेक्टर-21 स्थित अलकेमिस्ट अस्पताल व एक अन्य डॉक्टर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना किया है।
साथ ही केस खर्च के 11 हजार रुपये और पीड़ित की तरफ से अस्पताल को दिए गए छह हजार रुपये भी अदा करने के आदेश दिए गए हैं। अलकेमिस्ट और गर्भवती का इलाज करने वाली एक डॉक्टर को यह राशि संयुक्त तौर पर शिकायतकर्ता को देनी होगी। फोरम के अध्यक्ष धर्मपाल, सदस्य अनीता कपूर और अनिल शर्मा की बेंच ने यह फैसला सुनाया।
जीरकपुर निवासी महिला धर्मेंद्र ठाकुर ने अलकेमिस्ट अस्पताल और डाक्टर कमला ठकुराल के खिलाफ केस किया था। शिकायत में उसने कहा था कि वर्ष-2006 में वह गर्भवती थी और मार्च से मई तक सेक्टर-8 अस्पताल में डाक्टर कमला ठकुराल से इलाज कराया।
अप्रैल में उसने अलकेमिस्ट में चेकअप कराया, जहां 11 जून को डिलिवरी की तारीख दी गई। 10 जून को दर्द शुरू होने पर उसने डाक्टर ठकुराल से फोन पर संपर्क किया, जहां से उन्हें दूध और घी का सेवन करने की सलाह दी गई। अगले दिन फिर दर्द उठा तो वह अलकेमिस्ट गई।
वहां सब ठीक होने का भरोसा दिलाया गया। दर्द से निजात नहीं मिलने पर 12 जून को वह फिर से अलकेमिस्ट गई और भर्ती करके एक जूनियर डाक्टर से इलाज कराया गया।
13 जून को आपरेशन किया गया, जिसमें डा. ठकुराल भी शामिल हुईं। आपरेशन के बाद डॉक्टरों ने कहा कि इंफेक्शन की वजह से बच्चा नहीं बच सका, जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र पर लिखा था कि गर्दन के चारों तरफ कोर्ड लिपटी थी, इस वजह से मौत हुई। याचिका में आरोप लगाया गया कि डाक्टर की लापरवाही की वजह से ही बच्चे की मौत हुई।