चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन आरक्षण केंद्र के एक बुकिंग क्लर्क की लापरवाही का खामियाजा यात्री को भुगतना पड़ा। पंचकूला निवासी बृजेश कुमार शुक्ला ने निजामुद्दीन से अतर्रा जाने के लिए तत्काल टिकट के लिए फार्म भरा। उन्होंने आरक्षण फार्म में क्लास स्लीपर, यात्रा तिथि 9 जुलाई और ट्रेन नंबर 1248 दर्ज किया।
लेकिन पंचकूला साइड तत्काल आरक्षण केंद्र में ड्यूटी पर तैनात क्लर्क ने टिकट बना दिया मानिकपुर से अतर्रा का। जब यात्री ने टिकट देखा तो तत्काल आपत्ति जताई और टिकट सही करने को कहा, लेकिन क्लर्क ने यात्री को राहत देने के बजाय क्लर्क ने टिकट के 830 रुपये वसूल लिये। ऐसे में यात्री ने दूसरी टिकट लेकर सफर किया, जिससे उसको दोगुनी चपत लगी।
26 अगस्त को दी शिकायत
indian railway Negligence
- फोटो : Amar ujala
स्थानीय रेल अधिकारियों ने जब सुनवाई नहीं की तो पंचकूला सेक्टर-11 निवासी बृजेश कुमार शुक्ला ने शुक्रवार को शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि गलत डेस्टिनेशन पर टिकट बनाने की गलती रेलवे की है तो उनका नुकसान क्यों हुआ। इस शिकायत में उन्होंने अपने पैसे रिफंड मांगे हैं।
लापरवाही किसकी भुगता किसने
पंचकूला सेक्टर-11 निवासी बृजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि वह यूपी बांदा के रहने वाले हैं। वह अपनी बेटी के दाखिले के लिए उन्हें अतर्रा जाना था। लेकिन टिकट का गलत पर बुकिंग के कारण वह समय पर अपने गांव नहीं पहुंच पाए। जिसकी वजह से उनकी बेटी का अच्छे स्कूल में दाखिला नहीं हो पाया। वह अपनी बेटी का सातवीं कक्षा में नामांकन के लिए घर जा रहे थे।
ट्रेन नंबर के साथ डेस्टिनेशन भी गलत
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बृजेश कुमार ने बताया कि 8 जुलाई 2016 को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पंचकूला साइड स्थित टिकट काउंटर पर टिकट की बुकिंग करवाई थी। उन्होंने कहा कि टिकट काउंटर पर इतनी बड़ी लापरवाही उन्होंने कभी नहीं देखा। ट्रेन नंबर और जगह का नाम कुछ और उसके बाद भी टिकट गलत बना दिया।
अगर टिकट कलेक्टर की गलती होती तो उसके पास पावर होता है वह टिकट कैंसिल करके दोबारा बना सकता है। यात्री ने ही गलत फार्म भरा होगा। अगर यात्री से गलती नहीं हुई तो इस मामले की जांच करने के बाद ही कुछ निर्णय लिया जा सकता है। - प्रवीणा गौड़ द्विवेदी, सीडीसीएम अंबाला मंडल।