चंडीगढ़। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा मंगलवार को घोषित नीट यूजी 2023 के परिणाम में ट्राइसिटी के कई विद्यार्थियों ने परचम लहराया है। परीक्षा में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का मंत्र बताया है जिसे अपनाकर अन्य छात्र भी इस परीक्षा में सफलता पा सकते हैं। टॉपर विद्यार्थियों ने बताया कि परीक्षा में सफल होने के लिए खुद पर विश्वास रखें, तैयारी में निरंतरता बनाए रखें और ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट हल करें। इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प होना जरूरी
शहर से कोचिंग लेने वाली प्रांजल अग्रवाल ने नीट यूजी परीक्षा में एआईआर-रैंक 4 और लड़कियों में पहला स्थान हासिल किया है। प्रांजल टॉप-10 में इकलौती लड़की है। वह मूल रूप से पंजाब के मलेरकोटला की रहने वाली हैं। प्रांजल ने अपनी सफलता के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी एनसीईआरटी की किताबों को बेहतरीन तरीके से पढ़ लें। यह नीट का बेसिक है। किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प होना जरूरी है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप कहां के रहने वाले हैं, क्योंकि आधुनिक तकनीक के जमाने में आप कहीं भी रहकर कुछ भी सीख सकते हैं। प्रांजल ने परीक्षा में 715 अंक हासिल किए हैं। वह दो साल से नियमित तैयारी कर रही थीं। मॉक टेस्ट ज्यादा से ज्यादा हल करने चाहिए। उनका लक्ष्य दिल्ली एम्स में प्रवेश लेना है और भविष्य में कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। पिता विकास अग्रवाल कपड़ा व्यापारी और माता मोनिका अग्रवाल गृहिणी हैं। पढ़ाई के अलावा चित्रकला, नृत्य और घूमना पसंद है। वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करती हैं। प्रांजल ने चंडीगढ़ के हेलिक्स इंस्टीट्यूट से नीट की कोचिंग ली है। परिवार में खुशी का माहौल है।
खुद पर रखें विश्वास
पंचकूला निवासी रिषिक गोयल ने नीट परीक्षा में एआईआर 391 रैंक हासिल की है। रिषिक ने बताया कि तैयारी के लिए मॉक टेस्ट जरूर हल करें। परीक्षा में सफल होने के लिए खुद पर विश्वास रखना जरूरी है, तभी आप बेहतर कर पाएंगे। खुद की समीक्षा करते रहें। उन्होंने 696 अंक हासिल किए हैं। बारहवीं की पढ़ाई गुरु गोबिंद सिंह कॉलेजिएट स्कूल चंडीगढ़ से की है। वहीं पिता डॉ. राजन गोयल एलकेमिस्ट और माता डॉ. आशिमा गोयल ओजस अस्पताल में चिकित्सक हैं। रिषिक एम्स जोधपुर या जीएमसीएच चंडीगढ़ से पढ़ाई करना चाहते हैं और भविष्य में न्यूरोसाइंस में विशेषज्ञ बनना चाहते हैं।
तैयारी के दौरान रखें निरंतरता
मोहाली निवासी आरुष शर्मा ने नीट परीक्षा में एआईआर 436 हासिल की है। उन्होंने बताया कि तैयारी के लिए प्रतिदिन छह से आठ घंटे स्वयं तैयारी करता था। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने का एक ही राज है तैयारी के दौरान निरंतरता रखें। क्योंकि एक दिन 14 घंटे पढ़ाई करके और अगले दिन ब्रेक लेकर आप सफल नहीं हो सकते हैं। परीक्षा में 695 अंक हासिल किए हैं। बारहवीं की पढ़ाई गुरु हरकिशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल 40 से की है। उन्होंने बताया कि खाली समय में टेनिस खेलता था। पिता डॉ. राजन इंडस अस्पताल और माता डॉ. अर्पणा लिबरटी अस्पताल में कार्यरत हैं।
ऑनलाइन पाठ्यक्रम सामग्री से मिली मदद
चंडीगढ़ के गांव पलसौरा के 18 वर्षीय नवरीत सिंह ने बिना कोचिंग नीट में एआईआर 399 रैंक हासिल की है। नवरीत सिंह ग्रामीण संघर्ष कमेटी चंडीगढ़ के अध्यक्ष नबंरदार दलजीत सिंह के पौत्र हैं। उनके पिता रुपिंदर सिंह कारोबारी और माता तनवीर गृहिणी हैं। परिवार ने बेटे की सफलता पर खुशी में लड्डू बांटे। नवरीत अपने परिवार में डॉक्टर की पढ़ाई करने वाला इकलौता लड़का होगा। नवरीत ने बताया कि उन्होंने स्वयं तैयारी की, ऑनलाइन पाठ्यक्रम सामग्री से काफी मदद मिली। तैयारी के लिए मॉक टेस्ट हल करना बहुत जरूरी है।
कीर्ति, आरुषी और इशिका ने भी हासिल की बेहतरीन रैंक
चंडीगढ़ की रहने वाली कीर्ति ने नीट में 723 रैंक और 690 अंक हासिल किए हैं। वह प्रतिदिन सात से आठ घंटे तैयारी को समय देती थीं। आरुषि ने 1580 रैंक और 680 अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि छोटे लक्ष्य बनाएं और उन्हें प्रतिदिन पूरा करें। इशिका शर्मा ने एआईआर 6625 रैंक और 651 अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की सुनें और तैयारी के समय अनुशासन बनाए रखें। उम्मीदवारों ने श्री चैतन्य इंस्टीट्यूट से कोचिंग ली थी।