-डीसी बोले- सबसे अच्छे की उम्मीद रखें लेकिन सबसे बुरे के लिए तैयार रहें
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अमर उजाला ब्यूरोपटियाला। भूकंप जैसी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी बचाव कार्यों की तैयारी परखने के लिए एनडीआरएफ बठिंडा की सातवीं बटालियन ने बुधवार को जिला प्रशासनिक परिसर में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। उप कमांडेंट दीपक सिंह की अगुवाई में टीम ने भूकंप से क्षतिग्रस्त इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने और आपदा के दौरान स्वयं व दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों का जीवंत प्रदर्शन किया।
डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने एनडीआरएफ टीम का आभार जताते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में तैयारी ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि उम्मीद सबसे बेहतरीन की करें, लेकिन सबसे बुरे के लिए तैयार रहें। यह आपदाओं से निपटने का सबसे प्रभावी मंत्र है। डीसी ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल से विभिन्न विभागों के बीच तालमेल मजबूत होता है और वास्तविक आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है।
सीपीआर से लेकर सुरक्षित निकासी तक अभ्यास
ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ ने सुरक्षित निकासी मार्ग, असेंबली प्वाइंट की पहचान, निजी सुरक्षा उपाय और चिकित्सा आपातकाल से निपटने के तरीकों की जानकारी दी। दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में सीपीआर तकनीक से कृत्रिम सांस देने का भी प्रदर्शन किया गया। इस अभ्यास में स्वास्थ्य विभाग, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, लोक निर्माण विभाग, बिजली व जल आपूर्ति विभाग, फायर सर्विसेज, पुलिस और सिविल प्रशासन ने सक्रिय भागीदारी निभाई। डीसी ने कहा कि जिले में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी ऐसी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएंगी। उप कमांडेंट दीपक सिंह ने बताया कि एनडीआरएफ टीम 10–12 दिन पटियाला में रहकर स्कूलों, अस्पतालों, गांवों और सरकारी दफ्तरों का डेटा प्रोफाइल तैयार करेगी, ताकि किसी भी आपदा में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सके। मॉक ड्रिल के दौरान आधुनिक बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।