उन्होंने शिक्षा विभाग की तर्ज पर सभी विभागों में ऑनलाइन तबादला नीति लागू करने के भी आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन जिलों में पायलट प्रोजेक्ट लागू करने के बाद यह प्रशिक्षण राज्य के सभी स्कूलों में लाजिमी बनाया जाएगा। इस संबंध में जरूरी विधि-विधान तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।
भर्ती और अन्य अहम मुद्दों पर सोमवार को उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में खाली पड़े तकरीबन 29 हजार पदों को पहले चरण के दौरान और अन्य 15000 दूसरे चरण में भरे जाए। मुख्यमंत्री ने विभागों को डॉक्टरों, नर्सों, अध्यापकों आदि जैसी तकनीकी, हुनरमंद कैडर के पदों को जांचने को कहा है। जहां हर साल दो प्रतिशत सेवामुक्ति होती है।
इस मौके पर वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू, अतिरिक्त मुख्य सचिव (आवास एवं शहरी विकास) विनी महाजन, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सतीश चंद्र, प्रमुख वित्त सचिव अनिरुद्ध तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सहकारी संस्थाएं) विश्वजीत खन्ना, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत कृपाल सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण) कल्पना मित्तल बरुआ, प्रमुख सचिव (लोक निर्माण) हुसन लाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।