असल मुद्दा ये है कि पानी जो हमारे पास है, उसका मैनेजमेंट कैसे करना है। 80 प्रतिशत पंजाब डार्क जोन में है। पानी की दिक्कत इतनी अधिक बढ़ चुकी है कि पीने का पानी नहीं है। मालवा से कैंटर ट्रेनें चल रही हैं। नहरी पानी जो पीने के लिए लोगों को मिलना चाहिए, वे हम दूषित कर चुके हैं। पंजाब के हरिके का पानी जो ए ग्रेड पीने लायक था, अब सी ग्रेड हो चुका है। अब सिर्फ पंजाब में रोपड़ नहर का पानी ही पीने योग्य रहा है।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब में रेत 15000 रुपये में मिल रही है। ये कांग्रेस के समय 3300 रुपये में मिल रही थी। पंजाब 17 से 20 रुपये में बिजली खरीद रहा है। पीएसपीसीएल को गिरवी रख लोगों को सुविधाएं दी जा रही हैं। किसानों को मंडियां बना कर देने की बात कही थी, जहां अच्छे दाम मिलें।
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि शराब से राजस्व जमा करने की बातें होती थीं लेकिन अवैध शराब बिक रही है। पंजाब के इन मुद्दों पर कोई बात करने को तैयार नहीं है। पंजाब में नशा बंद करने की बातें होती थीं लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। पंजाब में राजनेताओं, पुलिस और तस्करों का नेक्सस चल रहा है। पंजाब का युवा विदेश भाग रहा है।
विदेश में ट्राला चलाने वाला वहां 7000 डॉलर कमा रहा है लेकिन सरकार यहां बातें बना रही है। यहां पर युवाओं को रोजगार व उचित पगार नहीं है। पंजाब में बेअदबी के मामलों में इंसाफ मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। एसआईटी बार-बार बनाकर केस के गवाहों व तथ्यों को इतना कमजोर कर दिया गया है कि अब कुछ हो नहीं सकता।