पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू गुरुवार को पाकिस्तान से वापस आ गए हैं। वो डेरा बाबा नानक- करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि वह पाकिस्तान से दोनों पंजाब के सदियों पुराने संबंधों के बंद दरवाजों को खोल कर आए हैं। करतापुर कॉरिडोर अमृतसर और फिरोजपुर के बॉर्डर भी खोल देगा। दोनों देशों के बीच अभी एक हजार दरवाजे और दो हजार खिड़कियां खुलनी हैं। दोनों पंजाब खुशहाल होंगे और अटारी-वाघा सीमा से सेंट्रल एशिया के देशों के साथ व्यापार करने के रास्ते खुलेंगे। उन्हें खुशी है कि वह दोनों पंजाब के लोगों का दिल जोड़ कर लौट रहे हैं।
थपथपाई अपनी पीठ
सिद्धू ने अपनी पीठ थपथपाते हुए कहा कि किसी की भी काबिलियत का मूल्यांकन करना हो तो उसके द्वारा अपना काम पूरा करने से करना चाहिए। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान का उल्लेख करते हुए सिद्धू ने कहा कि उन्होंने भी कहा कि दोनों देशों के बीच जंग नहीं हो सकती। गुरु नानक देव का दर दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी और अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित करेगा। पाकिस्तान के साथ दुश्मनी खत्म और दोस्ती शुरू होगी।
बार्डर पर मारा सिक्सर
शाम सवा चार बजे पाकिस्तान वाघा सीमा से नवजोत सिद्धू जब वतन लौटे तो उन्होंने सिक्सर मारने का एक्शन किया। रिट्रीट समारोह देखने के लिए जुटी भीड़ को देख कर सिद्धू जोश से लबालब भर गए। उन्होंने चार बार सिक्सर मारने का एक्शन किया। सिद्धू को वाघा सीमा पर विदा करने के लिए पाकिस्तान पंजाब के दो मंत्री भी आए हुए थे। सिद्धू ने इस बार भी लाहौर के बाजारों में खरीदारी की और पाकिस्तानी जूती के साथ साथ लेडीज सूट भी खरीदे।