नवजोत सिंह सिद्धू। (फाइल फोटो)
- फोटो : twitter
पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर अपनी ही सरकार पर हमलावर हो गए हैं। उन्होंने इस बार कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) और एजी (महाधिवक्ता) को सीधा निशाना बनाया है। उन्होंने कहा है कि दोनों की नियुक्तियां पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी हैं। इनका बदलना बेहद जरूरी है। 2017 में हमारी सरकार आई लेकिन विफलताओं के कारण लोगों ने सीएम को हटा दिया।
यह भी पढ़ें: पंजाब: अब मंत्री आशु ने साधा अमरिंदर पर निशाना, बोले- अगर उन्होंने कांग्रेस छोड़ी तो अकेले पड़ जाएंगे
नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को ट्वीट कर कहा है कि यदि इन दोनों को हटाया नहीं गया तो हमारी सरकार लोगों को मुंह नहीं दिखा पाएगी। सिद्धू इससे पहले भी दोनों पदों पर की गई चन्नी सरकार की नियुक्तियों के विरोध में इस्तीफा तक दे चुके हैं। हालांकि अभी तक आलाकमान की ओर से सिद्धू के इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं लिया गया है, जबकि नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सिद्धू को मनाने के लिए हाल ही में पंजाब भवन में बैठक भी की है। साथ ही नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएससी को 10 नामों का पैनल भी भेजा जा चुका है।
वहीं, दोनों की बैठक में भी इन मुद्दों को हल करने के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। इसमें सिद्धू, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और हरीश चौधरी को सदस्य बनाया गया है। सिद्धू की नाराजगी को दूर करने के लिए सरकार की ओर से नए एजी (महाधिवक्ता) एपीएस देओल से बेअदबी के केस तक वापस ले लिए गए हैं।
यह भी पढ़ें: रणदीप सुरजेवाला बोले- 78 विधायकों ने लिखकर दिया, उसके बाद कैप्टन को बदला गया
इस्तीफे पर देरी से भी नाराज हैं सिद्धू
मंगलवार को इस्तीफा देने के बाद भी कांग्रेस आलाकमान द्वारा अभी तक सिद्धू के इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं लिए जाने से भी वह नाराज हैं। हालांकि शनिवार को उन्होंने ट्वीट कर यह जाहिर किया कि उनके पास कोई पद रहे न रहे लेकिन वह राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के साथ हमेशा खड़े रहेंगे।
मुख्यमंत्री का पलटवार
सिद्धू के हमले के बाद मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि सिद्धू पार्टी संगठन का काम करें। सरकार काम करना चाहती है और उसे बखूबी कर रही है। हमें पंजाब की बेहतरी और पार्टी की मजबूती के लिए तालमेल से काम करने की आवश्यकता है। उन्हें यदि कोई बात पसंद नहीं आ रही तो पार्टी स्तर पर तालमेल कमेटी में आकर अपनी बात को कहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आम आदमी के बीच से आए हैं।