भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी करते हुए अजय मिश्रा टेनी को लखीमपुरा खीरी से टिकट दिया है। इसे लेकर पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर दिल्ली कूच का इंतजार कर रहे किसानों में रोष है।
लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचल कर मारने के आरोपी के पिता अजय मिश्रा टेनी को भाजपा द्वारा लखीमपुर खीरी से लोकसभा टिकट दिए जाने का विरोध शुरू हो गया है।
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पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू जिन्होंने अजट मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए भूख हड़ताल की थी, ने रविवार को एक ट्वीट करके कहा- यह अन्नदाता के प्रति केंद्र सरकार की बेशर्म असंवेदनशीलता है। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी रहेगी।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी करते हुए अजय मिश्रा टेनी को लखीमपुरा खीरी से टिकट दिया है। इसे लेकर पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर दिल्ली कूच का इंतजार कर रहे किसानों में रोष है। सिद्धू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट किया- लखीमपुर खीरी घटना के अपराधी को लोकसभा की उम्मीदवारी देने का निर्णय हमारे किसानों के रिसते घावों को कुरेदता है। उन्हें विश्वासघात के देश से नमकीन करता है। देश की खाद्य सुरक्षा को कायम रखने वाले हमारे अन्नदाता के प्रति सरकार की बेशर्म असंवेदनशीलता, भारत की 50 प्रतिशत आबादी को पीठ दिखा रही है। सिद्धू ने लिखा कि कांग्रेस उनके (किसानों) साथ खड़ी रहेगी। उनके अधिकारों, सम्मान और उनके अस्तित्व के लिए हमारी लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक उन्हें उचित और सही मूल्य नहीं मिल जाता। उन्होंने लिखा- ‘न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है।’
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गौरतलब है कि अजय मिश्रा टेनी लखीमपुर हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के पिता हैं। किसान आंदोलन के दौरान 3 अक्टूबर 2021 को आशीष मिश्रा ने 4 किसानों को अपनी कार से कुचल दिया था, जिस कारण किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद आक्रोशित किसानों ने कई वाहनों में आग लगा दी, साथ ही 4 लोगों को पीट-पीट कर मार दिया गया था। इसमें एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर रमन कश्यप की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने आशीष के साथ-साथ अजय मिश्रा टेनी को भी इस मामले में नामजद किया था। उस पर धारा 120-बी लगाई गई थी।