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नवजोत सिद्धू ने भाजपा से इस्तीफा दिया और मैंने विधायकी से: नवजोत कौर

Tue, 26 Jul 2016 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नवजोत सिद्धू - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया, जब नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने मीडिया के सामने बयान दिया।
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बकौल, नवजोत, ''मैंने बीजेपी नहीं छोड़ी है, लेकिन ये बात सभी के समझने योग्य है कि सिद्धू बीजेपी छोड़ चुके हैं। उनका मकसद पंजाब के लिए काम करना है।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि नवजोत सिद्धू ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया है तो इसके मायने यही हैं कि उन्होंने भाजपा से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सिर्फ विधायकी छोड़ी है, बीजेपी नहीं। नवजोत कौर ने यह भी बताया कि उन्हें कल सिद्धू के इस्तीफे की जानकारी नहीं थी। वे दोनों पंजाब के लिए काम करेंगे। 

पंजाब की सेवा करना ही हम दोनों का लक्ष्य है। राजनीति हमारे लिए कभी पेशा नहीं रहा। परिस्थितियां ऐसी थीं कि सिद्धू को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि आम आदमी पार्टी एक विकल्प के तौर पर है, इसमें शामिल होने का फैसला अभी नहीं लिया है।
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गौरतलब है कि सिद्धू की ओर से राज्यसभा मैंबर के पद से इस्तीफा देने के बाद आम आदमी पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। आप के सांसद भगवंत मान, पंजाब प्रभारी संजय सिंह और सुच्चा सिंह छोटेपुर ने ट्वीट करके सिद्धू के इस्तीफा की सराहना करते हुए उनका पार्टी में स्वागत किया।

नवजोत सिद्धू भाजपा में ही हैं: सांपला
पंजाब के भाजपाध्यक्ष विजय सांपला ने ट्वीट करते हुए बताया कि नवजोत सिद्धू के इस्तीफे के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू भाजपा में ही हैं।
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सिद्धू दंपति के इस्तीफे से गर्माई सूबे की सियासत

नवजोत सिद्धू पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के साथ - फोटो : फाइल फोटो
पूर्व सांसद नवजोत सिद्धू और उनकी पत्नी मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के इस्तीफे से पंजाब का सियासत गर्मा गई है। गुरु के मास्टर स्ट्रोक में सभी दल उलझ कर रह गए हैं। सूबे के चुनावी समीकरण एकदम बदलने के आसार बन गए हैं।

हालांकि अधिकारिक तौर पर सोमवार देर शाम तक सिर्फ सिद्धू के राज्यसभा से इस्तीफे की पुष्टि हुई। डॉ. नवजोत कौर के इस्तीफे पर न तो उनकी ओर से पुष्टि की गई, न ही भाजपा ने इसकी पुष्टि की। वहीं, अभी तक यह भी पुष्टि नहीं हुई है कि सिद्धू दंपति ने भाजपा से भी इस्तीफा दे दिया है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक सिद्धू के इस्तीफे की खबर आते ही प्रदेश भाजपा प्रधान विजय सांपला ने सिद्धू दंपति को कई फोन किए, लेकिन वह बात करने में कामयाब नहीं हो सके।

नवजोत कौर का फोन बंद हो गया, उनके अमृतसर आवास पर सन्नाटा पसरा रहा। बताया गया कि वह दिल्ली चली गई हैं, लेकिन बेहद दमदार अटकलें चलती रहीं कि सिद्धू दंपति आम आदमी पार्टी ज्वाइन करेंगे। साथ ही यह भी चर्चा गर्म रही कि सिद्धू ही पंजाब में आप के सीएम कैंडिडेट होंगे। पंजाब इंटेलिजेंस विभाग की रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है। अगर ऐसा होता है तो पंजाब के चुनावी समीकरण एकदम बदलने के आसार हैं।

आम आदमी पार्टी पिछले दिनों यूथ मेनिफेस्टो विवाद को लेकर बैकफुट पर चल रही थी। पार्टी के सामने सबसे बड़ा संकट सीएम कैंडिडेट का था। निचले स्तर पर आधार बनाने के बावजूद पार्टी के पास सीएम प्रकाश सिंह बादल या कैप्टन अमरिंदर सिंह के कद का कोई नेता नहीं था।
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सिद्धू आप में आते हैं तो उनका स्वागत है

नवजोत सिद्धू - फोटो : फाइल फोटो
कुछ समय पहले भी पार्टी कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर सिद्धू आप में आते हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन फिर बात टल गई थी। सोमवार को सिद्धू के इस्तीफे की खबर आते ही सबसे पहले आप नेताओं ने उनका स्वागत किया। सूबा कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने ट्वीट कर कहा कि नवजोत सिद्धू का आप में स्वागत है।

सांसद भगवंत मान ने कहा कि यह सराहनीय कदम है, हम उनका खुले दिल से पार्टी में स्वागत करते हैं। पंजाब प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि वह इसका स्वागत करते हैं। यह साहसी कदम है, इसे विरोध के रूप में देखा जाना चाहिए। सिद्धू के आप ज्वाइन करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। आप नेताओं ने जिस ढंग से सिद्धू का स्वागत किया है, उससे सिद्धू दंपति के आप ज्वाइन करने की अटकलों को बल मिलता है। सिद्धू की छवि बेदाग है, वे अच्छे वक्ता हैं और लोकसभा चुनाव में

हरियाणा में कैंपेन के दौरान अपने भाषणों से अकाली दल को काफी परेशान कर चुके हैं। अगर वह आप का चेहरा बनते हैं तो निश्चित तौर पर पार्टी को काफी फायदा होगा। वहीं, पिछले दिनों में बढ़त बना रही कांग्रेस और शिअद-भाजपा को झटका लगने की संभावना है। हालांकि डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि सिद्धू के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। जबकि, सीएम प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोई भी किसी पार्टी में जा सकता है। लेकिन दलबदलुओं को कोई पसंद नहीं करता।

सिद्धू का इस्तीफा हैरानी की बात नहीं : कैप्टन
प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राज्य सभा से नवजोत सिद्धू का इस्तीफा तय था, क्योंकि उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे थे। अकाली दल व भाजपा ने सिद्धू को चुप कराने के लिए उन्हें दरकिनार कर दिया था। सभी जानते हैं कि वह काफी पहले ही सरगर्म राजनीति से बाहर हो चुके थे। ऐसे में उनका राज्य सभा से इस्तीफा देना, फिर बाद में भाजपा से इस्तीफा देना कोई हैरानी की बात नहीं है। अकालियों द्वारा सिद्धू और उनकी पत्नी से किए बर्ताव के बाद उनका भाजपा में बने रहना तर्कसंगत नहीं था।
 
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