नवजोत सिंह सिद्धू प्रदेश भर में चुनाव प्रचार करने में जुटे हैं, वहीं उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू अमृतसर ईस्ट में उनका गुणगान करने में बिजी हैं। ऐसे में अपना पुराना घर (भाजपा) छोड़कर कांग्रेस में आए सिद्धू के प्रचार की कमान उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू संभाल रही हैं। पंजाब की सियासत के धुरंधर रहे सिद्धू को नए घर में कितना मान सम्मान मिलता है, यह भविष्य की बात है।
फिलहाल उनकी पत्नी डॉ. सिद्धू ने उन्हें अमृतसर ईस्ट से जिताकर विधानसभा भेजने में दिन रात एक कर दिया है। डॉ. सिद्धू की कार्यकुशलता ही है कि पार्टी ने सिद्धू की ड्यूटी अन्य विधानसभा क्षेत्रों में लगा दी है। करीब 70 से 80 विधानसभा हलकों में कांग्रेस सिद्धू को प्रचार के लिए उतारने की तैयारी कर चुकी है। सिद्धू भी अपनी सीट पत्नी के हवाले कर पंजाब के दौरे के लिए निकल चुके हैं।
हालांकि रविवार को वे अपने हलके में ही थे और यहां के लोगों से मिलकर वोट की अपील भी की थी। सिद्धू के विधानसभा क्षेत्र के स्लम एरिया मोहन नगर में पहुंची डॉ. सिद्धू ने गाड़ी से उतरते ही कहा कि मामे ताए सारे मिला दो कोई रहना नहीं चाहिए। इसके साथ ही शुरू हो गई जनता की डिमांड। प्रशासनिक अनुभव हासिल कर चुकी डॉ. सिद्धू ने लोगों को समझाया कि पेंशन के लिए डीसी के चक्कर काटने से कुछ नहीं होगा। हम 20-20 लोगों को लेकर सुविधा केंद्र जाएंगे और पेंशन शुरू करवाएंगे।