चंडीगढ़। शहर में 21 साल बाद राष्ट्रीय रोइंग इंडोर चैंपियनशिप होगी। सात से नौ अक्तूबर तक सुखना लेक स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के चंडीगढ़ रोइंग सेंटर में आयोजित चैंपियनशिप के मुकाबले लेक पर पानी में नहीं बल्कि इंडोर में एग्रोमीटर पर खेले जाएंगे।
देश के विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय स्तर के 600 रोइंग के खिलाड़ी इस चैंपियनशिप में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। चंडीगढ़ रोइंग एसोसिएशन के सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि बड़े लेवल पर होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए एसोसिएशन ने पूरी तैयारियां कर रखी हैं। इसके लिए रोइंग सेंटर में अभ्यास के लिए पांच एग्रोमीटर लगा दिए गए हैं।
बेहतर टाइमिंग वाला खिलाड़ी बनता है विजेता
एग्रोमीटर एक मशीन की तरह होती है। इस पर एक सीट लगी होती है जिस पर बैठकर खिलाड़ी दोनों छोर पर बंधी हुई रस्सियों को जोर से खींचता है। इस मशीन पर टाइमर लगा होता है। प्रतियोगिता के दौरान टाइम नोट होता है। बेहतर टाइमिंग के चलते खिलाड़ी को विजेता घोषित किया जाता है।
खराब मौसम में एग्रोमीटर पर होता है अभ्यास
राजीव शर्मा ने बताया कि रोइंग खिलाड़ी कई बार मौसम खराब होने की वजह से बोट को पानी में नहीं उतर सकते। ऐसे में खिलाड़ी इंडोर में एग्रोमीटर पर अपना अभ्यास करते हैं। राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने के लिए मिलने वाली है।