राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी संगठन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने खालिस्तानी आतंकी रोडे और डॉक्टर का ग्रुप देश में संभाल रहे गुर्गे की संपत्ति को जब्त किया है।
एनआईए ने इस कदम के साथ ही नार्को-टेरर ग्रुप पर शिकंजा कसा है। एनआईए की यह कार्रवाई सितंबर 2021 में फाजिल्का के जलालाबाद में मोटरसाइकिल ब्लास्ट मामले से जुड़ी है। इसके पीछे मुख्य आरोपी सूरत सिंह उर्फ सुर्ती का हाथ शामिल था। सुर्ती फाजिल्का के गांव महात्मा नगर का रहने वाला है।
एनआईए ने शुक्रवार को आरोपी की गांव स्थित जमीन के खेवट नंबर-84-78, 93-87 और 95-89 को जब्त कर लिया है। यह कुल 13 कनाल, 17 मरला और पांच सरसई जगह है। पाकिस्तान बैठे खालिस्तानी आतंकी संगठन के हैंडलर हबीब खान उर्फ डॉक्टर और लखबीर सिंह उर्फ रोडे पंजाब में अपने आतंकी संगठन को बढ़ाने के लिए वर्ष 2021 से लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में मोटरसाइकिल बम ब्लास्ट को अंजाम दिया गया था। एनआईए ने सूरत सिंह उर्फ सुर्ती पर यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट-1985 के तहत की है।
मोटरसाइकिल ब्लास्ट घटना के बाद पंजाब पुलिस ने फाजिल्का के जलालाबाद शहर के थाने में 16 सितंबर, 2021 को एक्सपलोसिव एक्ट के सेक्शन-3 व 4 के तहत केस दर्ज किया था। फिर एनआईए ने एक अक्तूबर, 2021 को इस मामले में दोबारा केस दर्ज किया था।
एनआईए की रिपोर्ट, बाइक ब्लास्ट मामले में नौ आरोपी शामिल थे
एनआईए ने इस केस में चार्जशीट फाइल करते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस बाइक ब्लास्ट मामले में 9 आरोपी शामिल थे। इसमें सूरत सिंह उर्फ सुर्ती के अलावा डॉक्टर और रोडे की मुख्य भूमिका सामने आई है। इन आतंकियों ने पाकिस्तान बैठकर इस घटना को अंजाम दिया। आतंकी हबीब खान उर्फ डॉक्टर, लखबीर सिंह उर्फ रोडे और सूरत सिंह समेत 9 आरोपी इस केस में शामिल हैं।
लखबीर सिंह रोडे प्रतिबंधित संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) का प्रमुख था। आईएसवाईएफ के अलावा रोडे भारत में प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) का भी नेतृत्व कर रहा था। रोडे भारत-नेपाल सीमा के पास खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स सेल का प्राथमिक आयोजक भी था। उसने कई बार कबूल किया है कि वह भारत पर हमले करने के लिए पाकिस्तानी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा था।
एनआईए का खुलासा, रोडे और डॉक्टर कई जगह ब्लास्ट कराने की फिराक में थे
एनआईए के मुताबिक आतंकी रोडे और डॉक्टर देश में कई जगह पर ब्लास्ट कराने की फिराक में थे। इसके लिए दोनों आतंकियों ने सूरत सिंह उर्फ सुर्ती को अपना गुर्गा बनाया। उसके जरिये वह अपने आतंकी संगठन को देश में खड़ा कर रहे थे। सूरत पाकिस्तान से ड्रग्स, हथियार और आईईडी लाकर आतंकी संगठनों को सप्लाई करता था। इन दोनों पाकिस्तानी हैंडलरों के कहने पर वह ग्रुप में युवाओं को भर्ती करने के लिए व्हाट्सएप व अन्य एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन का प्रयोग करता था। यहां तक कि सूरत सिंह इस संगठन के लिए एक ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के तौर पर काम कर रहा था। हर आतंकी संगठन को हथियार से लेकर ड्रग्स और हवाला के जरिये आए पैसे पहुंचाने में काम करता था।