चंडीगढ़ में सेक्टर-25 निवासी एक व्यक्ति ने बेटी को आत्महत्या के लिए उसकाने वालों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए पुलिस और आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई है। आयोग को दी अपनी शिकायत में पीड़ित पिता ने सेक्टर-11 थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल, सेक्टर-24 चौकी प्रभारी रोहताश सिंह, जांच अधिकारी मोहन कश्यप पर पावर का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
सेक्टर-27 प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता संजय ने बताया कि उनकी बेटी ने दिसंबर महीने में धनास लेक में कूदकर जान दे दी थी। उन्होंने पड़ोसी युवक और उसके परिवार पर बेटी को आत्महत्या करने के लिए उकसाने के आरोप भी लगाए है। संजय का आरोप है कि बार बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनको ही धमकाती रही।
यह है मामला :
संजय कुमार ने बताया कि 17 दिसबर 2015 की शाम करीब पांच बजे उनकी 16 साल की बेटी का शव धनास लेक में तैरता मिला था। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिकायत पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। पिता ने आरोप लगाया कि घटना के कुछ दिन बाद ही लेक पर माली और चौकीदार का काम करने वाले बाबूराम ने बताया की वारदात के दिन उनकी बेटी के साथ दोपहर के समय एक युवक लेक पर आया था। इस दौरान दोनों के बीच झगड़ा किया था और इसके बाद युवक ने लड़की की पिटाई कर दी थी। लेकिन, माली के बीच बचाव करने के बाद दोनों शांत हो गए थे। उन्होंने मौके से मिली सुसाइड नोट को भी गलत बताया।
पुलिस कर रही कार्रवाई: थाना प्रभारी
सेक्टर-11 थाना प्रभारी नरेंदर पटियाल ने बताया कि घटना के बाद लेक के चौकीदार बाबूराम, लड़की के परिजनों व केस से संबंधित सभी से बयान दर्ज किए गए थे। इसके साथ लड़की के सुसाइड नोट, मोबाइल और अन्य सामान सीएफएसएल टेस्ट के लिए भेजा गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की अभी तक की जांच में पीड़ित के द्वारा आरोप लगाए युवक और उसके परिवार का रोल नही पाया गया है। मामले की रिपोर्ट और जांच के आधार पर अगर कोई गलत पाया गया तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।