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कला भवन में 'कोर्ट मार्शल' दिखा जातिवाद का दर्द

Sun, 01 Jun 2014 01:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नाटककार स्वदेश दीपक द्वारा लिखे नाटक 'कोर्ट मार्शल' का शनिवार शाम पंजाब कला भवन के ओपन एयर थिएटर में मंचन किया गया। इसको शहर के कलाकार मोहनीश कल्याण ने निर्देशित किया। नाटक की शुरुआत रामचंद्र नाम के एक सैनिक से होती है। रामचंद्र पिछड़ी जाति से संबंध रखता है।
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सेना के बड़े अधिकारी बात-बात पर उसे अपमानित करते हैं। उसे गालियां तक दी जाती है और हर प्रकार का काम उससे करवाया जाता है। एक  दिन कैप्टन मोहन वर्मा और कैप्टन कपूर उसे हर दिन की तरह गाली देते हैं, लेकिन रामचंद्र अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाता है। वह उन पर गोली चला देता है।

कैप्टन मोहन वर्मा की मौके पर ही मौत हो जाती है और कैप्टन कपूर घायल हो जाते हैं। इस बात पर रामचंद्र पर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की जाती है। सभी उसे कसूरवार समझते हैं। जब मामले की जांच होती है तो कैप्टन कपूर को गलत पाया जाता है, लेकिन अंत में रामचंद्र को फांसी की सजा सुनाई जाती है।
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कोर्ट मार्शल के बाद सभी कैप्टन कपूर को उसकी करतूत के लिए बुरा मानने लगते हैं और सब उससे नफरत करने लगते है। इससे तंग आकर अंत में कैप्टन कपूर आत्महत्या कर लेता है।
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