टैगोर थिएटर में एक आदमी और किन्नर के बीच की प्रेम कहानी पर नाटक का मंचन हुआ। रूपक कला वेलफेयर सोसाइटी द्वारा नोर्थ जोन कल्चरल सेंटर पटियाला और डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर चंडीगढ़ के सौजन्य से नाटक सती खेला गया। वीना शर्मा द्वारा लिखित कहानी सती का मंचन संगीत गुप्ता ने किया।
कृष्णा गांव की सबसे मशहूर किन्नर है। कृष्णा को हर कोई अपने घर पर खुशियों के मौकों पर नाचने के लिए बुलाता हैं। कृष्णा का मन है कि वह भी संपूर्ण औरत की तरह जीवन जीए, इसी दौरान उसे देव नाम के लड़के से प्यार हो जाता है।
देव भी कृष्णा को चाहता है, लेकिन देव की दारू पीने की आदत से कृष्णा उससे इसका कारण पूछती है। देव इसके जवाब में अपनी बदसूरत पत्नी का हवाला देता है, वह किसी खूबसूरत लड़की से शादी करना चाहता था।
देव और कृष्णा का प्यार आगे बढ़ता है, लेकिन देव की ज्यादा दारू पीने से मौत हो जाती है, जिसके दुख में अंत में कृष्णा भी अपने जान खो देती है।
नाटक देखने आए लोगों का कहना है
नाटक में बहुत से सामाजिक पहलु दिखाए गए हैं। शराब और उसकी अति से कुछ लाभ नहीं होता यह नाटक में बहुत अच्छे से दिखाया गया है। नाटक में देव और कृष्णा के बीच प्रेम बहुत अच्छे से दिखाया है।
राम कुमार, कर्मचारी (पीएनबी)
जब नाटक देखा तो उम्मीद नहीं थी की कहानी ये रूप लेगी। पात्रों ने काफी अच्छा अभिनय किया है। बीच बीच में इस्तेमाल होने वाले पंजाबी गीत भी काफी अच्छे थे। नाटक देखने में काफी मज्जा आया
देश बंधु गुप्ता, रिटायर्ड कर्मचारी
कहानियां तो बहुत सी देखी हैं, लेकिन इस कहानी में कुछ नयापन लगा। एक आदमी और किन्नर का प्यार भी इस कदर तक पहुंच सकता है यह अंदाजा इस नाटक को देख कर लगा। नाटक में कुछ हंसी खुशी के पल भी है जो बीच बीच में गुदगुदाते है।
बी एस सैनी, रिटायर्ड कर्मचारी