हरियाणा में सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ दिया है। इतना ही नहीं तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा में दिल्ली के स्कूलों को भी हरियाणा के विद्यार्थियों ने पीछे छोड़ दिया है। भारत सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर जारी नेशनल एचिवमेंट सर्वे (एनएएस) 2021 में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा की स्थिति पिछली बार की तुलना में काफी अच्छी रही है।
नवंबर 2021 में जो सर्वे हुआ उसमें तीसरी, पांचवीं ,आठवीं और दसवीं कक्षा को शामिल किया गया था। इसमें कक्षा अनुसार अलग-अलग विषय शामिल किए गए थे। कक्षा 3 और 5 के लिए गणित, भाषा और सामाजिक विज्ञान को सर्वे में शामिल किया गया, जबकि कक्षा 8 के लिए गणित, भाषा, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान को शामिल किया गया।
कक्षा 10वीं के लिए सभी विषयों के साथ अंग्रेजी को भी सर्वे में शामिल किया गया। ये सर्वे देशभर के 720 जिलों में किया गया, जिसमें सभी पर्यवेक्षक बाहर से बुलाए गए और मूल्यांकन को पूरी तरह निष्पक्ष रखा गया। पूरे सर्वे में हरियाणा के कुल 3220 सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों को शामिल किया गया। पर्यवेक्षक के तौर पर कुल 13975 अध्यापक और कुल 98476 छात्रों ने भाग लिया।
सर्वे की रिपोर्ट कक्षावार इस प्रकार है
सरकारी और प्राइवेट की तुलना
- कक्षा 3
- सरकारी स्कूल
- भाषा - 320
- गणित- 305
- सामाजिक विज्ञान- 307
प्राइवेट स्कूल
- कक्षा 3
- भाषा- 314
- गणित- 298
- सामाजिक विज्ञान- 297