नरिंदर पाल लाली और नवजोत सिंह सिद्धू।
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पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला के पूर्व प्रधान नरिंदर पाल लाली को पंजाब कांग्रेस ने छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लाली पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने और पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने का आरोप है। लाली के खिलाफ कार्रवाई पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की सिफारिश पर की गई है।
दरअसल, सोमवार को कांग्रेस ने पंजाब सरकार के खिलाफ पटियाला में डीसी दफ्तर के बाहर रोष धरना दिया था। इस धरने में पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग ने शिरकत की थी। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल से आडियो लीक मामले में कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन लाली ने इस धरने में शामिल न होकर अपने स्तर पर अलग धरना लगाया था।
अलग धरना लगाने के संबंध में पूछने पर लाली ने कहा कि उन्हें शहर में कांग्रेस की ओर से धरने के आयोजन संबंधी कोई जानकारी नहीं थी, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जानी चाहिए थी। लाली ने आगे कहा कि जब से वड़िंग पंजाब कांग्रेस प्रधान बने हैं, तब से सिद्धू के समय में जिम्मेदारी पाने वाले नेताओं को साइडलाइन किया जा रहा है।
इस सारे प्रकरण से नाराज वड़िंग ने लाली के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को पत्र लिखा। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष रहते नवजोत सिंह सिद्धू ने नरिंदर पाल लाली को पटियाला शहर का प्रधान बनाया था।