कृष्णपाल गुर्जर का गुर्जर समुदाय में अपना प्रभाव है। वह भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं। दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। रतन लाल कटारिया के जरिए प्रदेश के 22 फीसदी एससी वोट बैंक को साधने का दांव भाजपा ने चला है। कटारिया ने इस बार कांग्रेस की राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा को बड़े अंतर से हराया है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं। प्रदेश में विधानसभा की 17 सीटें एससी के लिए आरक्षित हैं। इन तीनों चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल कर भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अभी से बिसात बिछा दी है।
कितनी पटरी बैठेगी विज और कटारिया में
आमतौर पर एक दूसरे का नाम न पसंद करने वाले अंबाला के रतनलाल कटारिया और अनिल विज इस चुनाव में गले मिल चुके हैं। अब कटारिया केंद्र में मंत्री है और अनिल विज राज्य सरकार में मंत्री हैं। दोनों में कितना सामंजस्य बैठेगा यह देखना होगा, क्योंकि विज अपनी बेबाकी के लिए मशहूर हैं।
बृजेंद्र सिंह को दूसरे विस्तार से आस
आईएएस की नौकरी छोड़कर सांसद बने बृजेंद्र सिंह को निराशा हाथ लगी है। उन्हें मंत्री पद नहीं मिल पाया। पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र चौधरी मोदी मंत्रिमंडल में बेटे को एडजस्ट करने के लिए लॉबिंग कर रहे थे, लेकिन बात बन नहीं पाई। बीरेंद्र ने राजनीति से संन्यास की घोषणा करते हुए ही बृजेंद्र को भाजपा से हिसार लोकसभा सीट पर टिकट दिलाया था।
हुड्डा पिता पुत्र को हराने वाले अरविंद-कौशिक को मिली मायूसी
सोनीपत सीट से सांसद रमेश चंद्र कौशिक व रोहतक सीट से सांसद अरविंद शर्मा के हाथ फिलहाल मायूसी लगी है। कौशिक इस बार पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को हराकर दूसरी बार सांसद बने हैं तो अरविंद शर्मा हुड्डा के सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा को हराकर संसद पहुंचे हैं। अरविंद चौथी बार सांसद बने हैं। उनके नाम तीन अलग-अलग सीटों से सांसद बनने का भी रिकॉर्ड है लेकिन मंत्रिमंडल जगह नहीं मिल पाई।
रतनलाल तीसरी बार सांसद बने हैं। 1999 में अंबाला से पहली बार सांसद चुने गए। 2014 में पूर्व सांसद कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी वाल्मीकि को हराया था। उम्र : 67 साल। शिक्षा : एमए राजनीतिक शास्त्र, एलएलबी। स्थायी निवासी : गांव संधाली, यमुनानगर। संगठन में अनेक पदों पर रह चुके। प्रदेश सरकार में भी राज्य मंत्री रहे हैं।
राव इंद्रजीत सिंह
राव इंद्रजीत गुरुग्राम से तीसरी बार सांसद चुने गए हैं। दो बार महेंद्रगढ़ सीट से सांसद रहे। 2014 में कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। वह 1998, 2004 और 2009, 2014 में सांसद रहे। वह चार बार हरियाणा के में विधायक एवं मंत्री भी रह चुके हैं। राव इंद्रजीत मूलरूप से रेवाड़ी निवासी है। उम्र : 69 वर्ष, शिक्षा: बीए आनर्स, एलएलबी। पूर्व मोदी सरकार में भी मंत्री रहे।
कृष्णपाल गुर्जर
कृष्णपाल फरीदाबाद से दूसरी बार सांसद बने। पूर्व मोदी सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रहे। हरियाणा में दो बार विधायक रहे। भाजपा के टिकट पर पहली बार 2014 में सांसद का चुनाव लड़ा और जीते। स्नातक है। उम्र : 62 वर्ष, शिक्षा : बीए, एलएलबी। मूल रूप से फरीदाबाद निवासी। संगठन में अनेक पदों का अनुभव।