पंजाब की अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव हारने के बाद भी हरदीप पुरी को मोदी कैबिनेट में जगह मिली है। पिछली बार भी इस सीट से अरुण जेटली को शिकस्त मिली थी। इसके बाद भी उन्हें वित्त मंत्रालय जैसा अहम पद सौंपा गया था। हरदीप पुरी पूर्व नौकरशाह हैं और टीम मोदी में अच्छी पकड़ है। विदेश मामलों के अच्छे जानकार हैं। इसी का फायदा उन्हें मिला भी।
इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी गुरजीत औजला ने मंत्री हरदीप पुरी को शिकस्त दी थी। हरदीप पुरी को 344049 और गुरजीत औजला को 444052 मत मिले थे। औजला ने पुरी को एक लाख तीन वोट से हराया था।
2014 लोकसभा चुनाव में अमृतसर से वित्तमंत्री अरुण जेटली को पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने शिकस्त दी थी। हरदीप पुरी 1974 बैच के विदेश सेवा के अधिकारी रहे हैं।
पुरी का जन्म दिल्ली में हुआ और इनके पिता भी राजनयिक थे। 2004 से 2009 तक नवजोत सिंह सिद्धू भाजपा की टिकट से दो बार अमृतसर के सांसद बने। हालांकि इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। इसके बाद से अमृतसर में कमल नहीं खिल सका।