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कोई तो ट्रेन रोको, अंदर मेरे बच्चे हैं, ऑटोमेटिक गेट बंद होने से छूटा यात्री, आरपीएफ ने की मदद

Fri, 31 May 2019 12:22 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
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सांकेतिक तस्वीर
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जालंधर रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा तफरी मच गई, जब एक यात्री चिल्लाने लगा कि कोई तो ट्रेन रोको, अंदर मेरे बच्चे हैं। दिल्ली से अमृतसर जा रहा एक यात्री शताब्दी के ऑटोमेटिक गेट बंद होने के कारण ट्रेन में नहीं चढ़ पाया और गाड़ी चल पड़ी, जिससे शोर मच गया। मौके पर खड़े आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन के गार्ड को सूचना दी। 

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इसके बाद कुछ दूरी पर ट्रेन को रोका गया और वह यात्री दोबारा ट्रेन में सवार हो सका। रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार यात्री ट्रेन से कुछ लेने के लिए अभी उतरा ही था कि ट्रेन चलने लगी। जब तक वह ट्रेन में वापस चढ़ता दरवाजे आटोमेटिक बंद हो गए।

दरअसल, शताब्दी में तेजस के कोच लगाए गए हैं जो गाड़ी रुकने और चलने पर खुद ब खुद खुलते और बंद होते हैं। इसी कारण यह यात्री चलते समय दरवाजे बंद होने के कारण ट्रेन में नहीं चढ़ सका। इसके बाद आरपीएफ ने वायरलेस से बात कर ट्रेन को रुकवाकर यात्री को ट्रेन पर चढ़ाया। 

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