मिशन हरियाणा फतेह के लिए भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश से संबंध रखने वाले पांच बड़े नेताओं से अधिक उम्मीदें हैं। पार्टी के स्थानीय नेताओं के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अन्य नेता चुनाव प्रचार में कमान संभालेंगे।
लेकिन मतदाताओं के मिजाज को भांपते हुए पार्टी ने हरियाणा की भूमि से राजनीति के शिखर पर पहुंचने वाले नेताओं को अधिक तवज्जो देगी।
इनमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, कृष्णपाल गुर्जर और गुड़गांव से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह शामिल हैं।
अपने क्षेत्र की कमान संभालेंगे ये दिग्गज
गुड़गांव से सांसद राव इंद्रजीत सिंह लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए हैं। पार्टी गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र की सभी सीटों पर जीत की जिम्मेवारी उनके कंधों पर डालेगी। राव इंद्रजीत के लिए भी यह प्रतिष्ठा का सवाल होगा।
अहीरवाल की राजनीति में बड़ा नाम होने के कारण पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की विधानसभा चुनाव में उनसे उम्मीदें भी बड़ी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी कृष्णपाल गुर्जर भी फरीदाबाद से सांसद बन कर मंत्री पद पा चुके हैं।
फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में आने वाली विधानसभा सीटों के अलावा गुर्जर बहुल क्षेत्रों में भी पार्टी कृष्णपाल गुर्जर का फायदा उठाएगी।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी हरियाणा ताल्लुक रखते हैं। हरियाणा की नब्ज से परिचित ये नेता विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रचार के लिए जान लड़ाएंगे।
ये दिग्गज होंगे मोदी के सेनापति
सुषमा स्वराज:
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में खासी हैसियत रखने वाली अंबाला की बेटी सुषमा स्वराज हरियाणा के रण में विरोधियों की मरोड़ काढ़ने की बात पहले ही कर चुकी हैं। उनके हरियाणा से जुड़ाव का फायदा पार्टी विधानसभा चुनाव में उठाएगी।
जनरल वीके सिंह:
केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह भी हरियाणा विधानसभा चुनाव में फौजियों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। भिवानी से ताल्लुक रखने वाले वीके सिंह से हरियाणा के फौजी प्रभावित हैं। हालांकि मोदी पहले ही रेवाड़ी रैली में हरियाणा के फौजी परिवारों का अभिनंदन कर चुके हैं।
कृष्णपाल गुर्जर:
केंद्र में मंत्री पद पाने के बाद गुर्जर के कंधो पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। फरीदाबाद में महेंद्र प्रताप और अवतार भड़ाना जैसे मजबूत गुर्जर नेता हैं। भड़ाना इनेलो का दामन थाम चुके हैं, जबकि महेंद्र प्रताप कांग्रेस सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में जातिगत वोटरों पर प्रभाव जमाने में गुर्जर को पूरी ताकत लगानी होगी।
इन्हें भी मिलेगी मोदी की सेना में जगह
राव इंद्रजीत सिंह:
अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह भाजपा में शामिल होते ही केंद्र में मंत्री पद पा गए हैं। भाजपा इसका पूरा लाभ उठाएगी। टिकट वितरण में भी राव की सूची में से कुछ नाम शामिल हो सकते हैं।
बीरेंद्र सिंह:
कांग्रेस को झटका देकर भाजपा में शामिल हुए बीरेंद्र सिंह के बांगर के वर्चस्व को पार्टी कैश करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद कांग्रेस की बारीकियों से वाकिफ बीरेंद्र सिंह भी चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ अभियान छेड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
हरियाणा से है चार केंद्रीय मंत्री:
राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर के अलावा मंत्री पद सुषमा स्वराज और वीके सिंह को भी मिला है। भले ही सुषमा और वीके सिंह इस बार हरियाणा से लोकसभा चुनाव नहीं लड़े हैं, लेकिन उनका मंत्री पद हरियाणा के खाते में जोड़ कर देखा जा रहा है।