हाईटेक हो चुका सूचना तंत्र अब जनतंत्र के सामने अपना पूरा असर दिखाने को तैयार है। अब तक भाजपा की ओर से पीएम पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी द्वारा इंटरनेट को माध्यम बनाकर देश भर में चाय पे चर्चा की जा रही थी।
अब इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल गांधी 15 मार्च को गूगल हैंगआउट पर ब्लॉक, जिला एवं प्रदेश इकाइयों के प्रतिनिधियों से मुखातिब होने जा रहे हैं।
इस दौरान 16वीं लोकसभा से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन करने के साथ-साथ क्षेत्र विशेष के संबंध में फीडबैक भी कांग्रेस के प्रतिनिधियों से हासिल किया जाएगा। ताकि आगामी चुनाव में जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य संभव हो सके।
कांग्रेस पार्टी हाईकमान के इस प्रयास से प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी उत्साहित प्रतीत हो रही है और उनका कहना है कि आम कार्यकर्ता से जुड़ने का जो यह सशक्त माध्यम चुना गया है, उससे लोकसभा चुनाव में लाभ मिलना स्वाभाविक है।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजय माकन की ओर से जारी एक पत्र में इस बात का उल्लेख किया गया है कि आगामी दिनों में सूचना तंत्र को मजबूत बनाने की कड़ी में गूगल हैंगआउट के माध्यम से पार्टी के युवा एवं करिश्माई नेताओं से वार्ता का दौर प्रारंभ किया जा रहा हैं।
इसकी शुरुआत 15 मार्च को पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा 11 से 12 बजे तक की जानी है। इससे प्रारंभिक तौर पर ब्लॉक, जिला एवं प्रदेश भर से आने वाले देश भर के कार्यकर्ता शामिल किए जाएंगे।
गूगल हैंगआउट के माध्यम से होने वाली इस चर्चा को कांग्रेस के इंटरनेट पोर्टल खिड़की डॉट कॉम पर भी लाइव दिखाई जाएगी। भविष्य में यू-ट्यूब पर भी डाला जाएगा। ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रचार अभियान से जुड़ सकें।
माकन के पत्र में यह भी कहा गया है कि अक्सर देखने में आता हैं कि जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी, जो कि राहुल गांधी से मिलने के इच्छुक रहते हैं।
चुनाव से पूर्व इस बात की चर्चा थी कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का 16वीं लोकसभा चुनाव में पूरा असर दिखने वाला है, जो अब साकार होता दिख रहा है।
नमो-नमो की चाय पे चर्चा के बाद राहुल गांधी का गूगल हैंगआउट के माध्यम से जुड़ना चुनाव प्रचार को एक नए रंग-रूप में जनतंत्र के समक्ष पेश करने वाला है।