प्रधानमंत्री मोदी की चालीसा गाकर सुर्खियों में आए इस शख्स को अब सजा भुगतनी पड़ रही है। इस शख्स ने मोदी सरकार पर विवादित बयान दिया और उसे इसकी सजा भी मिली, लेकिन वह मामले में अभी और कई खुलासे करने की बात कह रहा है। बात हो रही है हरियाणा सरकार के प्रचार सलाहकार रॉकी मित्तल की।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार देर रात मित्तल को पद से हटाने के आदेश दिए। मित्तल की गाड़ी सहित अन्य सरकारी सुविधाएं वापस ले ली गई हैं।इसके पीछे दो दिन पहले मित्तल की ओर से गुरुग्राम में दिये गये उस बयान को अहम वजह माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने सरकार के दो शीर्ष अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप लगाये थे और अपने महकमे में भी भ्रष्टाचार का बोलबाला होने की बात कही थी।
वहीं, रॉकी मित्तल ने का कहना है कि सीएम और पीएम ईमानदार हैं, लेकिन प्रदेश में कुछ भ्रष्ट अधिकारियों का बोलबाला है। मुझे अपने पद से हटा दिया गया है, फिलहाल इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं वैष्णो देवी के दर्शन को आया हुआ हूं, यात्रा से लौटकर खुलासा करूंगा।
अधिकारियों और प्रतिनिधियों से तालमेल ठीक नहीं था
रॉकी मित्तल
सूत्रों के मुताबिक, सरकार के अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रतिनिधियों से उनका तालमेल ठीक नहीं था। मित्तल की बयानबाजी को सरकार के प्रतिनिधि और सीआईडी कर्मचारी मुख्यमंत्री तक पहुंचा रहे थे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला इस तरह की बयानबाजी से परेशान थे।
ऐसे में मुख्यमंत्री ने मित्तल को हटाकर साफ संकेत दिए हैं कि उनकी टीम में ऐसी बयानबाजी करने वाले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। भविष्य में कुछ और लोगों का पत्ता भी कट सकता है।
सबसे पहले जवाहर यादव को सीएम का ओएसडी नियुक्त किया गया था और फिर जवाहर यादव को सीएमओ से बाहर करते हुए चेयरमैन के पद पर नियुक्ति दी गई थी। इसके बाद ओएसडी विजय शर्मा का नंबर आया। विजय शर्मा आजकल रेलवे में सेवाएं दे रहे हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार को भी सीएमओ से बाहर कर टूरिज्म में बैठा दिया गया है।
कौन हैं मित्तल?
रॉकी मित्तल
लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के गीत गाकर सुर्खियों में आए रॉकी मित्तल कैथल के रहने वाले हैं। मित्तल ने 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान ‘पीएम बनेगा नरेंद्र मोदी’ गाना बनाया था। वह हरियाणवी लोक गायक और लेखक भी हैं।
मोदी चालीसा गाकर उन्होंने भाजपा और आरएसएस के दिल्ली दरबार में अपनी पकड़ मजबूत की थी। जिसके चलते हरियाणा सरकार ने कुरुक्षेत्र में उसे हरियाणा सांस्कृतिक परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन रॉकी ने इस पद पर ज्वॉइन करने के इंकार कर दिया था। फिर सरकार ने मित्तल को एडवाइजर नियुक्त कर दिया था।
मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर की कमान भी मिली थी
हरियाणा सरकार ने 10 फरवरी 2016 को रॉकी मित्तल को कला परिषद में नियुक्ति दी थी तो उन्होंने इसे ठुकरा दिया था। इसके बाद उन्होंने सितंबर 2016 में चीफ एडवाइजर टू सीएम पब्लिसिटी के पद पर ज्वाइन किया था। कुरुक्षेत्र के मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर की कमान भी उन्हीं के हाथ थी।
क्या दिया विवादित बयान
रॉकी मित्तल ने गुरुग्राम में बयान दिया था कि मुख्यमंत्री तो साधु हैं, लेकिन सरकार के दो उच्चाधिकारी भ्रष्टाचार में संलिप्त है। उन्होंने कहा था कि ये ईमानदारों की सरकार नहीं है।चंडीगढ़ में भ्रष्ट अधिकारी बैठे हैं। उनके लोकसंपर्क विभाग में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। अधिकारी उन्हें हटाने की साजिश कर रहे हैं।