हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा है कि नशे और उसके अवैध धंधे पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए जल्दी हरियाणा नारकोटिक्स ब्यूरो का गठन करने का निर्णय लिया है। यह ब्यूरो नशे के कारोबार पर पूरी तरह से नियंत्रण करने के लिए विशेष व्यूह रचना के तहत कार्य करेगा। इससे राज्य में नशे के व्यापार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी व नशेड़ियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
गृह विभाग मिलने के बाद से ही नशा व नशे के कारोबार को प्रदेश से उखाड़ फेंकने के लिए ध्यान दिया जा रहा है। जब तक ब्यूरो के गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक एसटीएफ के एक समूह को इस कार्य में लगाया जाएगा, जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी करेंगे। विज ने कहा कि मधुबन प्रयोगशाला में फॉरेंसिक जांच के मामलों में हैंडराइटिंग परीक्षण के अलावा अन्य कोई भी जांच लंबित नहीं है।
उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान लोगों को एफआईआर दर्ज करवाने के लिए डीजीपी कार्यालय के सामने आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता था, लेकिन अब सभी शिकायतकर्ताओं की प्रत्येक शिकायत दर्ज की जाती है, ताकि उन्हें पूरा न्याय मिल सके। सीआईडी में रिफॉर्म के लिए गृह सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें 2 डीजीपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसको अधिसूचित भी किया जा चुका है, जो जल्दी अपना काम शुरू करेगी।
न्यूमोकोकल वैक्सीन की कमी नहीं
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में न्यूमोकोकल वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, इसलिए चिकित्सक बच्चों के उपचार में कोई कोताही न बरतें। निमोनिया की दवाई के लिए लोगों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।