नगर निगम ने अब मार्केटों के बरामदों में दुकानदारों द्वारा किए गए नाजायज अस्थाई कब्जे हटाने का मन बना लिया है। इसके लिए बड़ी संख्या में दुकानदारों को नोटिस दिए गए हैं।
नोटिस में उनसे सामान हटाने को कहा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर तीन दिनों में सामान नहीं हटाया गया, तो निगम सामान जब्त कर लेगा। साथ ही दुकानदारों से जुर्माना भी वसूला जाएगा।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम की टीमों ने पहले सारे शहर की मार्केटों का सर्वे किया। इसमें उन दुकानदारों की लिस्ट बनाई गई, जिन्होंने बरामदों में सामान रख कर अवैध कब्जे कर रखे हैं।
अब उन दुकानदारों को नोटिस दिए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि निगम की जानकारी में आया है कि उन्होंने बरामदों में नाजायज तौर पर सामान रख कर कब्जे किए हैं।
दुकानदार तीन दिनों के अंदर खुद ही कब्जे हटा लें। अगर उन्होंने ऐसा न किया तो उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही जुर्माना वसूला जाएगा।
जुर्माना भी पांच सौ रुपये प्रतिदिन से लेकर दस हजार रुपये प्रति सप्ताह तक हो सकता है। नोटिस में हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला भी दिया गया है। उसी के तहत जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी गई है।
दुकानदारों में हड़कंप, पक्षपात का आरोप
नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में शहर के दुकानदारों को नोटिस भेजे जाने के बाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं, उन्होंने निगम पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
कारोबारियों का कहना है कि नगर निगम ने रेहड़ी-फड़ी वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की। सभी मार्केटों में रेहड़ी-फड़ी वालों के नाजायज कब्जे हैं। पर न तो उन्हें कोई नोटिस दिया और न ही उन्हें हटाने की कार्रवाई की। निगम को सिर्फ दुकानदारों के अवैध कब्जे ही नजर आ रहे हैं।