पीजीआई से धनास तक की रोड पर छाए अंधेरे को हाईमास्क लाइटों से दूर किया जाएगा। शुक्रवार को नगर निगम की इलैक्ट्रिसिटी कमेटी की बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया।
अब इस प्रस्ताव को पूरा करने के लिए खर्चे का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पूरे रोड पर अंधेरे को दूर करने के लिए कितने पोल लगाने की जरूरत पड़ेगी। इलैक्ट्रिसिटी कमेटी के चेयरमैन राजेश गुप्ता ने अगली बैठक तक इन सबका ब्यौरा देने के निर्देश दिए।
मौजूदा समय में पीजीआई से लेकर धनास तक की सड़क पर अंधेरा छाया रहता है। वहां स्ट्रीट लाइटे भी नहीं है। दूसरा आसपास जंगल होने से काफी अंधेरा हो जाता है। वहां किसी प्रकार की आपराधिक घटना न हो, इस वजह से हाईमास लाइटें लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस महीने तक शुरू हो शिकायत केंद्र
बैठक के दौरान शिकायत केंद्र शुरू करने में हो रही देरी को लेकर चेयरमैन राजेश गुप्ता ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने एक्सईएन व संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है कि शिकायत केंद्र बनाने में देरी क्यों हुई।
तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी शिकायत केंद्र नहीं शुरू हो सका। जनता की स्ट्रीट लाइटों संबंधित समस्याओं के लिए शिकायत केंद्र शुरू किया जाना था।
गुप्ता ने अधिकारियों को कहा कि इस महीने तक शिकायत केंद्र शुरू कर दिया जाए। वहीं इसको केंद्र को सुचारू ढंग से चलाने के लिए नोडल ऑफिसर भी नियुक्त कर दिया गया है।
स्ट्रीट लाइटों की समस्याओं पर मंथन
बैठक के दौरान शहर की सड़कों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। चेयरमैन ने स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवाने के लिए प्रयास बढ़ाने के निर्देश दिए।
इस समय शहर की करीब 70 फीसदी सड़कों पर अंधेरा छाया हुआ है, जिससे लोगों को काफी समस्याएं हो रही हैं।