चंडीगढ़ नगर निगम ने घरों के आगे ग्रीनरी के रूप में किए कब्जों को हटाना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत सेक्टर-19 से की गई है। नगर निगम के अधिकारी सुबह 10 बजे जेसीबी मशीनों के साथ सेक्टर-19 कम्युनिटी सेंटर पहुंचे। उसके बाद सेक्टर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर घरों के आगे से ग्रीन एरिया को हटाने का काम शुरू किया। सेक्टर-19 में महाराष्ट्र भवन के पास अधिकारियों को विरोध का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी कार्रवाई जारी रखी।
बुधवार को लगभग 100 घरों के बाहर से ग्रीनरी के रूप में किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। टीम में शामिल एक अधिकारी का कहना है कि सेक्टर-19 से अतिक्रमण हटाने में एक सप्ताह का समय लग सकता है। इस दौरान नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर तिलक राज, अनिल गर्ग, चीफ इंजीनियर मनोज बंसल, एसई संजय अरोड़ा, रविंदर शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम ने चार टीमें बनाई हैं। नगर निगम रोड विंग के रोड डिवीजन नंबर एक के सभी कर्मचारी इस कार्य में लगे रहे।
वहीं, इंफोर्समेंट विंग के इंस्पेक्टर इंचार्ज सुनील दत्त भी मौके पर मौजूद रहे। ग्रीन एरिया हटाए जाने से नाराज सेक्टर निवासियों का कहना है कि निगम ने सबसे पहले सेक्टर-19 को ही क्यों चुना। नगर निगम ने कोई नोटिस भी नहीं दिया। एकाएक हरे-भरे पौधों को उखाड़ना शुरू कर दिया गया। बता दें कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि शहर के लोगों ने अपने घरों के आगे ग्रीनरी के रूप में सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रखा है, जिसकी वजह से शहर में गाड़ियां पार्क करने की जगह नहीं बची है।
हाईकोर्ट ने प्रशासन और नगर निगम को आदेश दिया था कि वह जल्द से जल्द इन कब्जों को हटाकर पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध कराए। सेक्टर-19 डी में एडिशनल कमिश्नर तिलक राज और स्थानीय लोगों के साथ कहासुनी भी हो गई।
सेक्टर-19 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। हाईकोर्ट ने आदेश पर सेक्टर-19 का चुनाव किया गया। बिना किसी भेदभाव के पूरे सेक्टर से अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। पूरे शहर का सर्वे किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत सेक्टर-1 से होगी और जल्द ऐसी कार्रवाई पूरे शहर में की जाएगी। उम्मीद है कि अब लोग खुद कब्जों को हटाना शुरू कर देंगे।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम चंडीगढ़