चंडीगढ़ में पानी की बर्बादी करने पर 15 अप्रैल से दो हजार रुपये का चालान किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम 30 जून तक विशेष अभियान चला रहा है। पानी की पाइप से लॉन की सिंचाई, कार व अन्य वाहनों की धुलाई करते पकड़े जाने पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पानी की टंकी, वाटर कूलर के ओवरफ्लो होने पर भी फाइन देना होगा। बता दें कि चालान का भुगतान नहीं करने पर इसे पानी बिल के साथ जोड़कर भेजा जाएगा। निगम के मुताबिक गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बचने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
शहर में गर्मी में पानी की मांग तकरीबन 116 एमजीडी तक पहुंच जाती है, जबकि आपूर्ति 85 एमजीडी है। इस वजह से गर्मी में शहर के कई हिस्सों में पानी की भारी किल्लत हो जाती है। नगर निगम के पब्लिक हेल्थ विंग ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए 16 टीमों का गठन किया है। इसकी मंजूरी के लिए नगर निगम कमिश्नर को भेज दिया गया है। इन टीमों का नेतृत्व सब डिविजनल ऑफिसर करेंगे। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य होंगे।
लापरवाही हुई तो जुर्माना भरना होगा
पानी की पाइप से लॉन की सिंचाई, कार व अन्य वाहनों को धोते हुए पकड़े जाने पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा पानी की टंकी, वाटर कूलर के ओवरफ्लो होने पर भी फाइन देना होगा। शहर के अलग-अलग हिस्सों में टीम के मेंबर सुबह और शाम पानी की बर्बादी की चेकिंग करेंगे। इस दौरान नगर निगम टीम के सदस्यों का मोबाइल नंबर भी जारी करेगा ताकि लोग पानी की बर्बादी की शिकायत कर सकें। वही, इससे पहले नगर निगम पानी की बर्बादी रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाएगा। नगर निगम की पब्लिक हेल्थ की टीम शहर के सभी भागों के अलावा गांवों में जाएगी।